जमशेदपुर।सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद को लेकर होने वाले चुनाव को लेकर गुरुवार भी अंततः उम्मीदवारों के बीच सहमति नहीं बन पाई।जिसके बाद पांच सदस्यीय चुनाव समिति ने चुनाव का बिगुल फूंक दिया है।जिसके तहत 3 दिसंबर शनिवार की सुबह 10.30 बजे नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। साथ ही रविवार नाम वापसी की तारीख तय की गई है। सुबह 11 बजे तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकते हैं। जिसके बाद बचे हुए उम्मीदवारों के बीच बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। मतदान के तारीख की घोषणा पांच सदस्यीय कमेटी रविवार को करेगी। जबकि रविवार को ही मतदान के तारीख की घोषणा भी कर दी जाएगी।





बताया जा रहा है कि सीजीपीसी चुनाव की सरगर्मी के बीच पांच सदस्यीय चुनाव संचालन समिति ने चारों उम्मीदवारों को बैठाकर समाजहित में सर्वसम्मति कराने की पहल की थी। जिसे लेकर 29 नवंबर भी उम्मीदवारों को आपसी समझौता करने के लिए अकेला छोड़ा गया था। साथ ही गुरुवार की शाम पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 4:30 बजे फिर से सीजीपीसी कार्यालय पहुंचे। जहां करीब आधे घंटे तक बैठक भी चली। बैठक में उम्मीदवार भगवान सिंह जहां खुद के लिए समर्थन मांगते रहे, वहीं नामदा बस्ती के प्रधान सह उम्मीदवार महेंद्र सिंह भी इस बार रंगरेटा समाज का प्रधान बनाए जाने की बात पर अड़े रहे। जबकि रिफ्यूजी कॉलोनी के प्रधान सह उम्मीदवार हरमिंदर सिंह मिंदी ने बैठक में भगवान सिंह को समर्थन में बैठने को कहा। मगर वे कुछ नहीं बोले। जबकि मिंदी ने गत चुनाव के आंकड़ों का हवाला भी दिया। इस दौरान चौथे उम्मीदवार हरविंदर सिंह मंटू बैठक में शांत बैठे रहे। क्योंकि उन्होंने मिंदी के समर्थन में पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया था। अंततः सर्वसम्मति पर कोई समझौता नहीं हआ और उम्मीदवार बैठक छोड़कर चल गए। कुल मिलाकर समाज में एकता की बात करने वाले उम्मीदवार आपस में सर्वसम्मति नहीं बना सके। जिससे साफ हो गया कि उम्मीदवार महात्वाकांक्षी सोच रखते हैं। समझौता नहीं होने से संगत में निराशा देखी गई। साथ ही सभी तरफ इसी की चर्चा हो रही है।





सीजीपीसी के 79 साल के इतिहास में अब तक रंगरेटा समाज का प्रधान नहीं बना। ज्यादातर जट जाति के लोग ही सीजीपीसी प्रधान पद पर हावी रहे। इस बार के चुनाव में समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। तत्कालीन कमिटी में डेढ़ साल तक कार्यकारी प्रधान की भूमिका निभाने वाले वरीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह बोझा के समर्थन में रंगरेटा समाज एकजुट हो गया है। 29 नवंबर को सीजीपीसी में सर्वसम्मति के लिए बुलाई गई।बैठक में उम्मीदवार भगवान सिंह का बाहर आकर अपशब्द कहे जाने को लेकर विरोध भी किया जा रहा है और तो और उनकी वीडियो भी वायरल की जा रही है। बहरहाल चुनाव होने तक और भी नये समीकरण बनने की उम्मीद लगाई जा रही है।