प्रतिनिधि,जमशेदपुर।सिविल कोर्ट जमशेदपुर में चपरासी की निकली बहाली को लेकर दो युवक और एक युवती अटेस्टेड कराने के लिए शुक्रवार की सुबह एमजीएम अस्पताल पहुंचे। सुबह से सभी अस्पताल में अटेस्टेड कराने के लिए इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन मगर किसी ने भी नहीं किया।वहीं दोपहर ओपीडी गेट के पास एक व्यक्ति उन्हें मिला और अटेस्टेड करने के एवज में सभी से 1000-1000 रुपए की मांग की। जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत कांग्रेस जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे के साथ रहने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता प्रसनजीत सेन से की। जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे।





इसी दौरान एसडीएम पीयूष सिन्हा भी निरीक्षण करने के लिए अस्पताल पहुंच गए। उन्हें देखकर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रसनजीत सेन ने रुपए मांगने की शिकायत उनसे की। जिसपर एसडीएम ने उक्त व्यक्ति की पहचान कर उनके साथ साथ अस्पताल प्रबंधन को भी बताने के लिए कहा। साथ ही एसडीएम ने कहा कि उन्हें अटेस्टेड के लिए कोई पैसे देने की जरूरत नहीं है। यह डॉक्टरों का काम है और वे इसे करेंगे। इस दौरान अस्पताल में लंच का समय हो गया था। जिसके कारण ओपीडी से सभी चले गए थे।





मामले को लेकर प्रसनजीत सेन ने कहा कि उनके परिचित परीक्षित सेन, सोमेन मुखर्जी और प्रिया दास ने सिविल कोर्ट में चपरासी की बहाली के लिए फॉर्म भरा है। सभी मानगो, बागुनहातु और चांडिल के रहने वाले हैं। नियमानुसार उन्हें बहाली में शामिल होने के लिए सरकारी डॉक्टर से प्रमाण पत्र पर अटेस्टेड चाहिए था। जिसके लिए वे सुबह 10:30 बजे अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में वे तीनों इधर से उधर घूमते रहे। मगर किसी ने भी अटेस्टेड नहीं किया। बाद में उन्हें पता चला कि ओपीडी दवा काउंटर में एक व्यक्ति अटेस्टेड करवा रहा है। जिसके बाद वे तीनों अभी ओपीडी दवा काउंटर की तरफ बढ़ ही रहे थे कि व्यक्ति ने उन्हें गेट के पास रोक लिया। साथ ही एक उंगली दिखाकर सभी से 1000-1000 रुपए की मांग की। जिसके बाद उन्हें इसकी शिकायत की गई। वे उसका चेहरा पहचानते हैं। मगर नाम नहीं जानते हैं।





इस मामले में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी ने कहा कि युवाओं से जब अटेस्टेड के लिए पैसे की मांग की गई तो वे इसकी शिकायत कार्यालय में आकर उनसे कर सकते थे। अस्पताल में दलाल भी घूमते रहते हैं। तीन-चार दिनों पहले ही एक दलाल को पकड़कर जेल भेजा गया है। अटेस्टेड कराने के लिए पैसे नहीं लगते हैं। एसडीएम से शिकायत के बाद दोबारा उनके पास शिकायतकर्ता नहीं पहुंचे हैं।इस दौरान अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार, उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, कर्मचारी राजीव बैनर्जी, अमरनाथ सिंह समेत अन्य भी मौजूद थे।