प्रतिनिधि,जमशेदपुर।एमजीएम अस्पताल प्रशासनिक सभागार में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नंदकिशोर लाल के स्थानांतरण होने पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों ने गुलदस्ता और उपहार भेंट कर एडीएम के उज्जवल भविष्य की कामना के साथ-साथ उन्हें शुभकामनाएं भी दी।
इस दौरान एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नंदकिशोर लाल ने कहा कि बिना अस्पताल का एक पैसा खर्च किए ही पूरे अस्पताल का कायाकल्प किया गया। जिसमें टाटा ग्रुप की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्हें शहर में लॉ एंड ऑर्डर के साथ-साथ एमजीएम अस्पताल का प्रशासनिक प्रभार भी दिया गया था। जिसको उन्होंने बखूबी निभाया। पहले अस्पताल में घुसते ही गंदगी और बदबू के कारण नाक में रुमाल रखना पड़ता था। साथ ही गंदगी के कारण अस्पताल में सुअरों का आना जाना लगा रहता था। एक बार अस्पताल का निरीक्षण करने आए एसीएस ने परिसर में घूम रहे सुअरों को देखकर कहा कि यह अस्पताल का ब्रांड एंबेसडर हैं क्या। यह बात उन्हें काफी खली थी। जिसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि जिस दिन भी उन्हें एमजीएम अस्पताल का प्रभार दिया जाएगा। उस दिन से ही इन सारी कमियों को दूर किया जाएगा। जिसके तहत उन्होंने किया भी। आज अस्पताल में आने वाले लोग यहां की व्यवस्था देखकर चकाचौंध है।
उन्होंने अपने कार्यकाल में मरीजों की भलाई के लिए कई सारे कार्य किए हैं। साथ ही आज अस्पताल में आने पर नाक में रुमाल नहीं रखनी पड़ती। एक एक चीज की समीक्षा कर उन्होंने आज अस्पताल को इस मुकाम पर पहुंचाया है। जिसमें अस्पताल के अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों का पूर्ण सहयोग भी मिला। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था की सुधार में डटे रहे। जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है। पहले अस्पताल में जांच टीम आती थी और सिर्फ खामियां निकाल कर चली जाती थी। जिसे वे अखबारों में हमेशा पढ़ते थे। जिससे मन ही मन में उन्होंने एमजीएम में सुधार लाने की बात ठान ली थी। अगर उन्हें थोड़ा समय और मिलता तो वे और भी बहुत कुछ अस्पताल के लिए करते।उन्होंने कहा कि अगर कभी भी उनकी नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में हुई तो वे अस्पताल के लिए और भी बहुत कुछ करेंगे।
मौके पर अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार, उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, डॉ. गौरी शंकर बड़ाईक, डॉ. संजय कुमार, डॉ. पी सरकार, डॉ. बलराम झा, कर्मचारी राजीव बैनर्जी, अन्नु सिन्हा, अमरनाथ सिंह, समेत अन्य कर्मचारी व होमगार्ड जवान भी मौजूद थे।





