प्रतिनिधि,जमशेदपुर।सीजीपीसी में प्रधान पद के लिए हुए चुनाव को असंवैधानिक बताते हुए गोलमुरी रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सह सीजीपीसी के प्रत्याशी हरमिंदर सिंह मिंदी और हरमिंदर सिंह मंटू अपनी टीम के साथ मंगलवार डीसी आफिस पहुंचकर उन्होने बीते 11 जनवरी को हुए चुनाव को गैर संवैधानिक बताते हुए काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए चुनाव रद्द कर नए सिरे से पुनः चुनाव कराने की मांग की है।
इससे पूर्व मिंदी ने एसडीएम धालभूम को भी सभी तकनीकी खामियां गिनाते हुए प्रधान पद के चुनाव को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग कुछ दिनों पूर्व ही कर चुके हैं। मिंदी द्वारा संबंधित अधिकारियों को दिए लिखित शिकायत में बार-बार एक ही आरोप लगाया गया है कि भगवान सिंह को प्रधान बनाने के लिए 5 सदस्यीय चुनाव संचालन समिति ने सीजीपीसी के संविधान की धज्जियां उड़ा दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान सिंह को जीत नहीं मिली है, बल्कि सिख समाज पर थोपा हुआ प्रधान मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि 15 दिनों का समय देकर विधिसम्मत चुनाव जिला प्रशासन की 5 सदस्यीय टीम करवाती तो भगवान सिंह का असली वोट बैंक सबके सामने आ जाता। मगर शाम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाकर समाज को प्रधान थोप दिया गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। जिसमें शहर के चर्चित वृद्ध समाजसेवी सह चिकित्सक डॉ कृपाल सिंह सिद्धु को विशेष सम्मान देने की मांग राज्य सरकार से की गई है। मांग पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन कोल्हान आयुक्त विजय सिंह के अनुमोदन के बावजूद डॉ. सिद्धू को सम्मान देने का मामला ठंडे बस्ते में क्यों चला गया है। उन्होंने कहा कि जिस डाॅक्टर ने हजारों गरीबों की जान बचाने के साथ साथ अपनी पूरी जिंदगी जरूरतमंद मरीजों की सेवा में लगा दी, उसके साथ न्याय नहीं हुआ। जिससे सिख समाज के साथ साथ चिकित्सक समाज का भी अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब के आशीर्वाद से कुछ लोग विधायक और मंत्री बने। मगर आज वे भी उनकी सुध नहीं ले रहें हैं।
बताते चलें कि डॉक्टर सिद्धू का नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए दिल्ली तक भेजा गया था। मगर इस ओर सिख समाज या फिर किसी भी मंत्री-विधायक ने ध्यान नहीं दिया। साथ ही मांग को लेकर मिंदी ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को भी पूर्व में ज्ञापन सौंप चुके हैं।
इस मौके पर हरविंदर सिंह मंटू,तरसेम सिंह सेमे, अवतार सिंह भाटिया, गुरदीप सिंह काका, तरविंदर सिंह मरवाह, दविंदर सिंह, मनजीत सिंह गिल, सतबीर सिंह गोल्डू, जितेंद्र सिंह शालू, अजीत सिंह गंभीर, कुलवंत सिंह, बलबीर सिंह, दलबीर सिंह, हरभजन सिंह, दलजीत सिंह समेत अन्य मौजूद थे।





