वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी इन दिनों विकास की नई-नई गाथा लिख रही है।महादेव की काशी को अब नई सौगात मिलने जा रही है।काशी में देश का पहला रोपवे ट्रांसपोर्ट बनेगा।रोपवे के तहत वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से गौदौलिया (काशी विश्वनाथ धाम) तक की यात्रा सहज और आसान होगी।रोपवे को बनाने में कुल 461 करोड़ रुपये खर्च आएगा।बता दें कि 10-12 फरवरी को सूबे की राजधानी लखनऊ में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में इसकी नींव रखी गई थी।रोपवे से कैंट से गोदौलिया तक का सफर मात्र 15 मिनट का होगा।
काशी विश्वनाथ का होगा सफर आसान
रोपवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पैसों की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक की मारा-मारी से निजात मिलेगी। कैंट से गोदौलिया तक की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। ऐसे में ऑटो या ई-रिक्शा से गौदालिया पहुंचने में 45 मिनट का समय लगता है।रोपवे बनने से इसकी दूरी घटकर 3.8 किलोमीटर हो जाएगी और समय की भी बहुत बचत होगी। इस प्रोजेक्ट में तेजी आए इस कारण यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 6 विभागों को 31 करोड़ रुपये अलॉट कर दिया गया है।
शुरू होगा मई में काम
बता दें कि रोपवे का काम मई महीने से शुरू होगा। रोपवे ट्रांसपोर्ट का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। साथ ही रूट, पिलर और ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है जो अब काशी की सड़कों से न होकर बल्कि सभी गाड़ियों के ऊपर से गुजरेगी। यह रोपवे कई सुविधाओं से लैस होगा। रोपवे में 220 केबल कारें होंगी। साथ ही इसके जरिए एक बार में अप और डाउन में 4500 यात्री यात्रा करेंगे।इसका कुल पांच स्टेशन बनेगा। इसमें सिगरा, साजन सिनेमा, रथ यात्रा, गोदौलिया और वाराणसी कैंट शामिल होगा।





