वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में सूर्य ग्रहण खत्म होते ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दशाश्वमेध,अस्सी, पंचगंगा, राजघाट समेत विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया।इसके बाद पंडों से संकल्प छुड़ाए और भिक्षुकों को दान दिया।
अमूमन धर्मप्राण लोग सूर्य ग्रहण शुरू होने के दौरान से सूर्य ग्रहण खत्म होने तक गंगा में रहकर जप और भजन करते रहते हैं। उनका मानना है कि सूर्यदेव पर ग्रहण लगा है।इसलिए उस दौरान जल में रहकर जप ही सर्वोत्तम उपाय है,लेकिन अधिकतर लोग सूर्य ग्रहण के दौरान और मोक्ष के बाद गंगा स्नान करते हैं।
इसके अलावा अधिक संख्या उनकी होती है जो सूर्य ग्रहण खत्म होने पर गंगा स्नान के लिए आते हैं। आध्यात्मिक नगरी काशी के साधु-सन्यासियों ने गंगा में रहकर या उनके किनारे बैठकर भजन और जप किया। सूर्य ग्रहण खत्म होने से चंद मिनट पहले तो भीड़ घाटों की ओर बढ़ने लगी।देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग गंगा में स्नान, ध्यान और दान किया।





