प्रतिनिधि, रांची/चतरा। जनसेवक संवर्ग के ग्रेड को कम करने एवं एक ग्यारह सूत्री लंबित मांगों पर सरकार द्वारा अब तक सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के विरोध में राज्य भर के 15 सौ से अधिक जनसेवकों ने शुक्रवार को कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के विधानसभा क्षेत्र जरमुंडी में बासुकीनाथ में क्यू काम्प्लेक्स टैक्सी स्टैंड से नंदी चौक तक न्याय यात्रा निकाला। तत्पश्चात यह यात्रा जरमुंडी प्रखंड कार्यालय के समीप धरना के रूप में परिणत हुआ।
धरना कार्यक्रम की शुरुआत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई l यह न्याय यात्रा झारखंड राज्य जनसेवक संघ के आह्वान पर संथाल परगना प्रमंडल के तत्वावधान में किया गया,जिसमें चतरा जिला के सभी जनसेवकों ने भाग लिया। विशाल न्याय यात्रा में चतरा जिला का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष नवीन तिर्की ने किया।
नवनीत तिर्की ने बताया कि जनसेवक संवर्ग अपने अधिकार पाने को लेकर पिछले 1 माह से हड़ताल पर है,लेकिन खुद को कर्मचारियों का हितैषी मानने वाली सरकार हमारी लंबित मांगों को पूरा नहीं कर रही है,जो सरकार की संवेदनहीनता का परिचायक है।उन्होंने आगे बताया कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं की जाती है तो पूरे राज्य के जनसेवक राजधानी की ओर रुख करेंगे और आगामी 15 जून से नेपाल हाऊस के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे।
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चतरा जिला के राकेश प्रसाद ने सरकार से काला कानून को अविलंब वापस लेने के लिए कहा।उन्होंने देश के प्रख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास के एक कविता के माध्यम से कृषि विभाग और जनसेवकों के सम्बंध को बताया।जनसेवकों के हड़ताल पर चले जाने से विगत एक महीने में पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक के सरकार के कई महत्वकांक्षी योजनाओं को काफी प्रभावित किया है।साथ ही जनमानस से लेकर पदाधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
न्याय यात्रा सह धरना कार्यक्रम को सफल बनाने में चतरा जिला से जिला उपाध्यक्ष नवल किशोर, मीडिया प्रभारी अभिजीत घोष, राकेश प्रसाद, राकेश त्यागी, चंदन कुमार, प्रमोद कुमार रामविलास राम, संजय लिंडा एवं अन्य जनसेवकों ने भाग लिया।





