प्रतिनिधि,चुरचू। प्रखंड के आदिवासी बहुल गांव गोंदवार में संयुक्त रूप से संथाल आदिवासी के द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी गांव के प्रधान एवं बड़े बुजुर्ग शामिल थे। इस बैठक में इन दिनों हो रही भू माफिया के द्वारा हर गांव में जमीनों का अवैध तरीके से कब्जा को लेकर चर्चा एवं कमेटी बनाया गया।इसमें सभी लोगों ने अपनी बातों को बैठक में प्रस्तुत किया।





बैठक में उपस्थित झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता बिरसा हंसदा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश अनुसार लिमिटेशन एक्ट 1963 के तहत अगर किरायेदार 12 साल से अधिक की अवधि के लिए संपत्ति पर कब्जा करना जारी रखता है, तो कानून भी उसे अवैध कब्जा जारी रखने में सक्षम करेगा। इसे कानूनी भाषा में प्रतिकूल कब्जे के रूप में जाना जाता है।अगर कोई मालिक 12 साल तक अपनी संपत्ति पर अपना दावा नहीं करता है, तो एक संपत्ति पर कानूनी अधिकार हासिल कर सकता है। उन्होंने कहां की गांव वाले बहुत ही भोले होते हैं उन्हें कोई भी अपने झांसे में ले लेते हैं। इसलिए आप सभी को इस प्रकार किसी भी प्रलोभन का शिकार नहीं होना है।





बैठक में उपस्थित चुन्नीलाल ने कहा कि हम सभी गांव वाले विगत तीन पीढ़ियों से जमीन को उप जाकर अपना जीविका यापन कर रहे हैं और अभी भू माफिया एवं दलालों के कारण हमारा हर जगह का जमीन को कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने बताया कि ऊपर के अधिकारी से मिलकर यह सब अपना कागज बनवा लेते हैं और हम लोगों को आकर डरा धमकाते हैं। आने वाले समय में इस प्रकार की भू माफियाओं के द्वारा हो रहे शोषण को रोकने के लिए हम सभी आदिवासी समाज को एकजुट होना पड़ेगा।





इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से हाईकोर्ट के अधिवक्ता बिरसा हंसदा अंगो मुखिया प्रतिनिधि मोहन हेमब्रोम, बाबूलाल मांझी सुखदेव सोरेन वकील भुइयां सुरेश राम जैसे सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।