प्रतिनिधि,जमशेदपुर।हीमोग्लोबिन की कमी और चर्म रोग की भयावह जकड़ के बीच मरणासन्न हालात में 15 दिनों पहले डुमरिया के टुना सबर को जब सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था तो हर किसी के मन में था कि बस टुना को नई जिंदगी मिल जाय और वह पहले की तरह स्वस्थ होकर अपनों के बीच लौटे। जिस टुना सबर को उठने-बैठने, चलने फिरने यहां तक कि बात करने में भी परेशानी होती थी, आज उसके चेहरे की मुस्कान बता रही है कि उपायुक्त की पहल पर सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने टुना के इलाज को जिस चुनौती के रूप में स्वीकारा, वो फलीभूत हुआ है।वहीं उपायुक्त विजया जाधव ने परसुडीह खासमहल स्थित सदर अस्पताल में इलाजरत टुना सबर से मिलकर इलाज में प्रगति की जानकारी लेनी हो या अपने व्यस्त दिनचर्या में हेल्थ अपडेट लेते रहना, हमेशा टुना का इलाज कर रहे चिकित्सकों की टीम तथा सिविल सर्जन के सम्पर्क में रहीं।





टुना के स्वास्थ्य में भर्ती होने के दूसरे दिन से ही सुधार दिखना शुरू हो गया था,जिससे इलाज कर रहे चिकित्सकों की टीम के साथ साथ टुना के शुभचिंतकों के मन में उसके जल्द स्वस्थ होने की आश जग गई थी। साथ ही लगभग एक सप्ताह के इलाज के बाद ही टुना सबर के सभी डेड स्किन हटा दिए गए थे। वहीं इंफेक्शन से बचाव को लेकर टुना को आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। टुना की सेहत में जल्द से जल्द सुधार लाई जा सके इसके लिए उपायुक्त ने चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश भी दिए थे। चिकित्सकों के परामर्श पर टुना को नियमित नारियल तेल से स्नान कराया गया। ताकि धीरे धीरे इंफेक्शन में कमी लाई जा सके। जबकि अब टुना के चेहरे की मुस्कान सभी के परिश्रम का परिणाम खुद बयां कर रही।