वाराणसी। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में सोमवार को जिला जज एके विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई।ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में पक्षकार बनने को लेकर 13 याचिकाएं दाखिल थीं।अदालत ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी समेत आठ लोगों के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।इस मामले में मुकदमे के वादियों ने आपत्ति जताई थी। इसके अलावा ज्ञानवापी के एक और सर्वे के मामले में हिंदू पक्ष की ओर से दलील दी गई।अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।ज्ञानवापी परिसर में मजार के उर्स मनाने से सम्बंधित लोहता के मुख्तार अहमद के प्रार्थना पत्र पर 11 नवम्बर को सुनवाई होगी।





21 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई





ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में विश्वनाथ धाम सुंदरीकरण योजना में मिले मूर्ति का संरक्षण करने की याचिका दाखिल की गई थी। ये याचिका वादी राखी सिंह ने ज्ञानवापी श्रृंगार केस में अहम सुराग को लेकर दाखिल की थी।आज इस मामले की सुनवाई जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में हुई है। आज की सुनवाई में दाखिल 13 में से 8 याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं। अब ज्ञानवापी केस की अगली सुनवाई जिला अदालत में 21 अक्टूबर को होगी।





आपको बताते चलें कि शिवलिंग की जांच के लिए दाखिल कार्बन डेटिंग के प्रार्थना पत्र को अदालत ने पिछली तारीख को खारिज कर दिया था। जबकि इस मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन का कहना था कि उन्होंने सिर्फ कार्बन डेटिंग की मांग नही की थी। अन्य वैज्ञानिक विधि से जांच कराने की भी बात कही थी ताकि शिवलिंग की सत्यता का पता चल सके।अब ये मामला अदालत से खारिज होने के बाद हिंदू पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे है। उधर, ज्ञानवापी विवाद की पोषणीयता पर जिला जज की अदालत से फैसला आने के बाद मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया है। वहां सुनवाई के लिए विष्णुशंकर जैन गए हुए थे।