रांची।सीनियर आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का मामला अब झारखंड हाईकोर्ट पहुंच गया है।प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी और पूछताछ के बाद हाईकोर्ट में पूजा सिंघल के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है।इसके तहत IA दायर कर मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया गया है।प्रार्थी अरुण कुमार दुबे की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने IA याचिका दायर की है।
याचिका दायर करते हुए अधिवक्ता राजीव कुमार ने मनी लाॅड्रिंग मामले में सीबीआई को भी प्रतिवादी बनाने की अनुमति देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि खनन सचिव पूजा सिंघल के मामले की जांच सीबीआई से करायी जाए और साथ ही बताया गया कि मनरेगा घोटाले के 16 केस में से सिर्फ दो ही केस को ACB को हैंडओवर किया गया है। इसके अलावा प्रार्थी ने सीए सुमन सिंह के पास से मिले 19.31 करोड़ रुपए का जिक्र करते हुए कहा कि अन्य छह आईएएस अधिकारी भी कहीं न कहीं मामले से जुड़े हुए हैं।
प्रार्थी अरुण कुमार दुबे ने जनहित याचिका दायर कर खूंटी की तत्कालीन डीसी पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लॉउंड्रिग का आरोप लगाते हुए प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की थी। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि पूर्व में ईडी द्वारा मामले में शपथ पत्र दायर किया गया है।मनरेगा घोटाले के आरोपी तत्कालीन जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा ने ईडी के समक्ष बयान दिया था।इसमें डीसी कार्यालय को कमीशन पहुंचाने की बात कही गयी है।हाइकोर्ट ने मामले में ईडी से सीलबंद रिपोर्ट मांगी है।
आपको बता दें कि ईडी द्वारा पूजा सिंघल को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इसके तहत मंगलवार की सुबह पूजा सिंघल अपने पति अभिषेक झा के साथ ईडी ऑफिस पहुंची। देर शाम तक ईडी अधिकारी पूजा सिंघल से पूछताछ कर रहे थे।पिछले दिनों ईडी ने पूजा सिंघल के सीए सुमन सिंह के घर से 19.31 करोड़ रुपए बरामद किया था।कुल मिलाकर पूजा सिंघल पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है और पूजा से जुड़े तमाम लोगों की मुश्किल है बढ़ती जा रही हैं। इस बीच पूजा सिंघल 31 मई तक छुट्टी पर चली गई हैं। उन्होंने कार्मिक विभाग को इसका आवेदन दिया है।





