प्रयागराज:

संगम नगरी प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी (TGT-PGT) भर्ती प्रक्रिया में पुरानी नियमावली के तहत एक अतिरिक्त अवसर (Age Relaxation/Attempt Option) दिए जाने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन चौथे दिन बेहद उग्र हो गया। गुरुवार को पूरे दिन शिक्षा निदेशालय और ऐतिहासिक एकलव्य चौराहे पर तनाव और गहमागहमी का माहौल बना रहा।

प्रशासन द्वारा सुनवाई न होने और मांगों के प्रति अनदेखी से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने सांकेतिक विरोध दर्ज कराते हुए कफन ओढ़कर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन के साथ हुई खींचतान के बाद कई प्रमुख छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

गेट पर तालाबंदी और एकलव्य चौराहे पर चक्काजाम

घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार सुबह उस समय हुई जब कुछ आंदोलनकारी छात्र अपने साथियों के लिए भोजन व पानी का इंतजाम करने परिसर से बाहर गए थे। इसी दौरान प्रशासन ने शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। बाहर गए छात्रों को वापस अंदर जाने से रोक दिया गया, जबकि कुछ महिला व पुरुष अभ्यर्थी परिसर के भीतर ही मौजूद रहे।

इस तालाबंदी से आक्रोशित छात्र तुरंत पास के एकलव्य चौराहे पर एकत्रित हो गए और सड़क जाम कर नारेबाजी करने लगे।

  • सिटी मजिस्ट्रेट की चेतावनी: मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने का हवाला देते हुए छात्रों को तुरंत प्रदर्शन खत्म करने का निर्देश दिया।
  • प्रशासन का रुख: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी किसी अन्य स्थान पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन शिक्षा निदेशालय परिसर के भीतर धरना देने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।

वार्ता का झांसा देकर हिरासत में लेने का आरोप

अभ्यर्थियों ने प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वे आम जनता की असुविधा को देखते हुए सड़क खाली करने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें अपनी मांगों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात करने के लिए शिक्षा निदेशालय परिसर में जाने दिया जाए।

छात्रों का तर्क था कि यह मुद्दा पूरी तरह से शिक्षा विभाग से जुड़ा है, इसलिए संवाद विभागीय अधिकारियों के साथ ही होना चाहिए। लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि जैसे ही वे सड़क खाली कर परिसर में वापस पहुंचे, वहां पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने उन्हें बलपूर्वक पकड़कर बसों में बिठाना शुरू कर दिया।

  • नेतृत्वकर्ता आशुतोष पांडेय हिरासत में: आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता आशुतोष पांडेय समेत दर्जनों अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और अज्ञात स्थान पर ले गई।
  • छात्रों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए सवाल उठाया कि जब वे बातचीत और सड़क खाली करने पर सहमत थे, तो उन पर यह पुलिसिया कार्रवाई क्यों की गई।

जीत के सीधे बाद धरने में पहुंचे नवनिर्वाचित एमएलसी मान सिंह यादव

आंदोलन के चौथे दिन राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र से नवनिर्वाचित एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव अपनी जीत के स्वागत कार्यक्रमों को छोड़कर सीधे शिक्षा निदेशालय के गेट पर धरने पर बैठे प्रतियोगी छात्रों के बीच पहुंचे।

  • समाजवादी पार्टी का समर्थन: उनके साथ सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
  • सरकार पर हमला: सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कहा कि वर्तमान सरकार में नौजवान, किसान और बेरोजगार पूरी तरह से उपेक्षित हैं। वहीं, एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने आश्वस्त किया कि वे सदन से लेकर सड़क तक अभ्यर्थियों की इस न्यायसंगत मांग के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
  • धरने में सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन और प्रवक्ता दान बहादुर मधुर समेत कई नेता उपस्थित रहे।

#PrayagrajProtest #TGTPGTExam #StudentProtestPrayagraj #UPTeacherVacancy #EducationDirectorate #StudentsRights #UPNews #JobAlert2026