रांची।झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर साथ मिलकर सरकार चला रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच समझौता नहीं हो पाया।कांग्रेस के दावे की धज्जियां हुए झामुमो ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। कांग्रेस का दावा था कि पिछली वार झामुमो के संस्थापक और केन्द्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन को दोनों दलों ने मिलकर राज्यसभा भेजा था।इसलिए वर्तमान चुनाव में काग्रेस को मौका दिया जाए, लेकिन कई झामुमो ने महिला प्रकोष्ठ की केन्द्रीय अध्यक्ष और साहित्यकार डॉ महुआ माजी को एकतरफा निर्णय लेकर मैदान में उतार दिया।
मंगलवार को झामुमो उम्मीदवार महुआ माजी ने राज्यसभा ने नामांकन किया। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद महुआ माजी का नामांकन कराया।उन्होंने दो सेटों में नामांकन भरा। एक सेट में हेमंत सोरेन और दूसरे सेट में आरजेडी के सत्यानंद भोक्ता पहले स्थान के प्रस्तावक बने। इस दौरान झामुमो और राजद के कई नेता और विधायक मौजूद रहे।
महुआ माजी के नामांकन के दौरान सीएम के अलावा पूर्व सीमएम विधायक स्टीफन मरांडी समेत कई मंत्री व विधायक मौजूद थे। राजद के नेता भी नामांकन में शामिल हुए पर कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई नामांकन में शामिल नहीं हुआ।
पहले से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस नामांकन में नहीं जाएगी। पार्टी के कुछ नेता अपना उम्मीदवार देने की बात कह रहे हैं,लेकिन इस पर पार्टी का नेतृत्व कुछ बोल नहीं रहा है। दरअसल झारखंड में झामुमो विधायकों का संख्याबल मजबूत है लेकिन कांग्रेस कमजोर है। ऐसे में कांग्रेस रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हालांकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नही आया है।





