गिरीडीह।झारखंड के गिरिडीह के रहने वाले वाले अरुण भुइयां की उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई।आरोप है कि अरुण को जीआरपी के जवानों ने चलती हुई ट्रेन से धक्का दे दिया था।इस मामले में दो जवानों को गिरफ्तार किया गया है।गिरिडीह के राजधनवार से विधायक और भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने घटना पर दुख जताते हुए परिजनों से मुलाकात करने की बात कही है।
1 माह पहले काम की तलाश में गया था मुंबई
मिली जानकारी के अनुसार गांवा थाना क्षेत्र के आरागारो गांव निवासी अरुण भुइयां मुंबई में रहकर काम करता था।अरुण दिवाली में घर आने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था।स्टेशन पहुंचा तो देखा मुंबई मेल रवाना हो रही है।ट्रेन निकलने ही वाली थी इसलिए अरुण टिकट नहीं खरीद सका और रास्ते में टीटीई से टिकट बनवाकर जनरल कोच में सफर करने लगा। परिजनों के मुताबिक प्रयागराज से पहले छिवकी स्टेशन पर जीआरपी के जवान कृष्ण कुमार सिंह और आलोक कुमार ने पैसे न देने पर अरुण को ट्रेन से धक्का दे दिया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। घटना 19 अक्टूबर की है,लेकिन अब प्रकाश में आई है।
दिवाली के मौके पर गांव में छाया मातम
शनिवार 22 अक्टूबर को मृतक अरुण का शव गांव पहुंचा। जहां दिवाली मनाने की तैयारी थी वहां सन्नाटा पसर गया। परिवार वालों का कहना है कि अरुण इससे पहले कभी भी काम की तलाश में बाहर नहीं गया था। तीन छोटे भाई मुकेश, सुनील और बबलू का कहना है कि हमलोग चाहते थे कि भैया घर पर रहकर परिवार की देखभाल करें। अचानक 1 महीने पहले अरुण अपने ससुराल नीमाडीह गया और वहां से 3 छोटे बच्चों और पत्नी को छोड़कर मुंबई चला गया।अब दिवाली और छठ में घर लौट रहा था।
अरुण करता था राजमिस्त्री का काम
मृतक अरुण के भाई मुकेश ने बताया कि पिता की मौत काफी पहले हो चुकी है।घर का अभिभावक उसका बड़ा भाई अरुण ही था।वह घर पर रहता था और राजमिस्त्री का काम करता था। जबकि मुकेश, सुनील और बबलू तीनों केरल में रहकर मजदूरी करते थे।घटना की सूचना पाकर मुकेश घर लौट आया वहीं अन्य दो भाई भी घर लौट रहे हैं। इधर अरुण की पत्नी रिंकी देवी उसके नौ साल की बेटी पिंकी, 6 साल का बेटा प्रेम और ढाई साल का शिवम पिता के मौत के बाद सदमे में है।
अरूण के परिजनों को मिले नौकरी
पूर्व विधायक सह भाकपा माले नेता राजकुमार यादव ने जीआरपी द्वारा चलती ट्रेन से धक्का दिए जाने के कारण अरुण की हुई मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रेलवे मंत्रालय से अरुण भुइयां के परिजनों को नौकरी और एक करोड़ मुआवजा देने की मांग की है। वहीं घटना में दोषी दोनों जीआरपी जवानों को कड़ी सजा देने की मांग की है। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए झारखंड में उचित क़ानून बनाने की मांग भी की है।
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने घटना पर जताया दुख
भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने घटना पर दुख जताया है।बाबूलाल ने ट्विटर पर उक्त घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अरुण भुइयां की मौत को हृदय-विदारक कहा है।बाबूलाल ने कहा कि जीआरपी जवानों का ये कृत्य किसी भी रूप में क्षम्य नहीं है। बाबूलाल ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।





