रांची।राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 12 वर्षीय दिव्यांग बच्चे को विमान में न चढ़ने देने के मामले में विमानन महानिदेशक डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस कंपनी पर पांच लाख का जुर्माना लगाया है।बीते सात मई को इंडिगो के कर्मचारियों ने दिव्यांग बच्चे को विमान में सवार करने से मना कर दिया था।आठ मई को ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर संज्ञान लेते हुए डीजीसीए को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।





डीजीसीए ने क्या कहा





इस पर डीजीसीए ने कहा कि सात मई को रांची हवाई अड्डे पर दिव्यांग बच्चे के साथ इंडिगो के कर्मचारियों का व्यवहार गलत था और इससे स्थिति बिगड़ गई थी। इसमें कहा गया है कि बच्चे के साथ करुणा का व्यवहार किया जाना चाहिए था और बच्चे की घबराहट दूर कर उसे शांत किया जाना चाहिए था। विशेष परिस्थितियों में असाधारण प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है, लेकिन एयरलाइन के कर्मचारी ऐसा करने में विफल रहे। इसे देखते हुए डीजीसीए में सक्षम प्राधिकारी ने संबंधित नियमों के प्रावधानों के तहत एयरलाइन पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाने का फैसला किया है। भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए वह अपने स्वयं के नियमों पर फिर से विचार करेगा, जिसमें यात्री को विमान में सवार होने से रोके जाने का निर्णय लेने से पहले यात्री के स्वास्थ्य पर हवाई अड्डे के चिकित्सक की लिखित राय लेना एयरलाइंस के लिए अनिवार्य किया जाएगा।





विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आदेश के बाद डीजीसीए की तीन सदस्यीय टीम 11 मई को राजधानी रांची पहुंची।नौ घंटे की जांच के बाद टीम ने डीजीसीए को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में इंडिगो को दोषी बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि एयरपोर्ट प्रबंधन से प्राप्त वीडियो और सोशल मीडिया में पोस्ट किए गए वीडियो ओर एयरपोर्ट प्रबंधन की जांच रिपोर्ट के आधार पर इंडिगो कर्मचारियों द्वारा यात्रियों से गलत तरीके से व्यवहार करने के संकेत मिले हैं। बच्चे को इसलिए रोका गया कि बच्चा डरा हुआ लग रहा था। बच्चे को विमान में सवार होने से रोक कर इंडिगो कर्मियों ने नियमों का उल्लंघन किया है।एयरलाइंस कर्मियों ने यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं, व्यवहार नियमों का उल्लघंन किया है। विमान कंपनी को स्पष्टीकरण जारी करते हुए 26 मई तक बताने को कहा गया था कि नियमों का उल्लंघन करने पर क्यों नहीं कार्रवाई की जाए।





एक नजर में पूरा मामला





बीते सात मई को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर हैदराबाद की इंडिगो की विमान में चढ़ने के लिए बोकारो के निर्मल कुमार अपनी पत्नी और बेटे के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। मीडिया कर्मियों को पिता ने बताया था कि बोकारो से रांची आते समय उनके बेटा थक गया था और उसने उल्टी की थी। वह दर्द से रो और चिल्ला रहा था। एयरलाइंस कर्मी ने बच्चे को रोते हुए देखा और कहा कि यदि बच्चा चुप नहीं होता है तो हमलोगों को फ्लाइट पर चढ़ने नहीं देंगे। पिता के अनुसार, दवाई देने के बाद वह ठीक हो गया था। फिर भी एयरलाइंस कर्मी ने उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं दी।





मंत्री के आदेश पर जांच





रांची एयरपोर्ट पर दिव्यांग बच्चे को विमान से सवार होने से रोकने का वीडियो वायरल होने के बाद नौ मई को मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर जांच का आदेश दिया था। उन्होंने एक यूजर द्वारा शिकायत किए जाने के बाद संज्ञान लिया था।घटना सोशल मीडिया में वायरल होने व केंद्रीय मंत्री के ट्वीट के बाद एयरपोर्ट ने भी घटना को लेकर अपना पक्ष रखा था। एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा था कि बच्चा बोर्डिंग गेट के पास ही उग्र हो गया था। बच्चे की मां ने भी उसे चुप कराने के लिए झिड़क दिया था।





कंपनी ने प्रतिक्रिया नहीं देने का निर्णय लिया है। इंडिगो कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं करेगा।





- सी लीखा, कारपोरेट कम्युनिकेशन, इंडिगो





कार्रवाई की सूचना मीडिया से मिली है। इस मामले से एयरपोर्ट प्रबंधन का कोई लेना-देना नही है।





- केएल अग्रवाल, निदेशक, रांची एयरपोर्ट





हम लोग इस पूरे मामले पर मीडिया में किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।





- निर्मल कुमार, बच्चे के पिता