रांची।झारखंड में चल रहे अवैध खनन को लेकर मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है।अवैध खनन को लेकर अभी तक ईडी ने पाकुड़, दुमका और साहिबगंज के जिला खनन पदाधिकारियों से लगातार पूछताछ कर रही है।मुख्यमंत्री और डीजीपी ने बीते दिनों निर्देश भी जारी कर चुके है कि अवैध खनन किसी भी इलाके में हुआ तो उस क्षेत्र के संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे।





राजधानी रांची में अवैध खनन जोरों से चल रहा है और वो भी स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर।नियम के मुताबिक स्कूल के आसपास किसी भी तरह का खनन करना दंडनीय अपराध है।बुधवार को तुपुदाना ओपी क्षेत्र के बेरमाद में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के ठीक बगल में अवैध पत्थर खनन चल रहा है।सूत्रों से खबर है कि ये पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है।कारण ये है कि खान विभाग की ओर से 10 महीने पूर्व एफआईआर दर्ज करायी गयी। इसमें 23 खनन माफियाओं को आरोपी बनाया गया।इतने दिनों बाद भी रांची पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। न तो खनन माफिया गिरफ्तार किए गए और न ही स्कूल के बगल में चल रही अवैध पत्थर खदान बंद हुई।





28 जुलाई 2021 को तुपुदाना ओपी में खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने अवैध खनन, खनिज के भंडारण को लेकर 23 माफियाओं पर एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में उन्होंने कहा था कि तुपुदाना ओपी क्षेत्र के बेरमाद, बालसिरिंग, हजाम क्षेत्र में अवैध खनिज उत्खनन किया जा रहा है।निरीक्षण में पाया गया है कि अवैध खनन में कई माफिया लगे हुए हैं। इनके द्वारा 700 फीट लंबा, 300 फीट चौड़ा और 50 फीट गहरा अवैध खनन किया गया है। साथ ही अवैध रूप से क्रशर लगाकर चिप्स का भंडारण किया गया है।





अवैध पत्थर खनन और भंडारण के ये आरोपी





एफआईआर में मंगरू उरांव, मनोज उरांव, संजय तिर्की, चंद्रेश्वरी देवी, नीलम किस्पोट्टा, कमला देवी, कृष्ण मोहन प्रजापति, शिव नारायण सिंह, अरविंद कुमार, केशव कुमार, अनिल वर्मा, रिक्की साहू, महेश साहू, अर्जुन सिंह, सोनू सिंह और राधे श्याम केशरी आदि को आरोपी बनाया गया है।





पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने की वजह से हालत ये है कि ये आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।कोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का स्टे भी ले लिया है। खुलेआम बेरमाद, बालसिरिंग, हजाम क्षेत्र में अवैध पत्थर खनन कराकर उसका भंडारण भी करा रहे हैं और साथ ही उसे रांची, रामगढ़, खूंटी,सिमडेगा में सप्लाई कर रहे हैं।





जुलाई 2021 में तुपुदाना ओपी में मामला दर्ज होने के बाद हटिया एएसपी विनीत कुमार का अक्टूबर 2021 में तबादला हो गया। इसके बाद से उक्त पद प्रभार पर चल रहा है। इस वजह से इस केस का अब तक सुपरविजन तक नहीं किया जा सका है। आईओ ने भी सिर्फ खानापूर्ति की, कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया।





तुपुदाना ओपी प्रभारी कन्हैया सिंह ने बताया कि इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर स्टे लगा रखा है। जब स्टे खत्म होता है आरोपी फिर से स्टे ले लेते है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में कही भी अवैध खनन नहीं हो रहा है।





आपको बता दें कि 5 दिन पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया था कि किसी भी इलाके में अवैध खनन हुआ तो उस क्षेत्र के संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर यह सवाल उठ रहा है कि केस दर्ज होने के बाद भी माफिया पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।कोर्ट से स्टे लगने के बाद ये बेखौफ पत्थर खनन में लगे हुए हैं।ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी का भी कोई असर नहीं दिख रहा।