जमशेदपुर।सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद में बने रहते हुए कदमा थाना अंतर्गत महिला के साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौनाचार मामले में फंसे गुरमुख सिंह मुखे की अग्रिम जमानत सोमवार जमशेदपुर अदालत से खारिज कर हो गई है।प्रधान न्यायधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया।





अदालत में सुनवाई के दौरान मुखे की ओर से अधिवक्ता कृष्ण मुरारी सिंह ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में 2 नवंबर की बजाय 4 नवंबर को केस किया गया। अगर सात से आठ बार महिला से दुष्कर्म हुआ है तो पहली बार में ही क्यों नहीं बताया गया।अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि चूंकि सीजीपीसी का चुनाव चल रहा है और ऐसे में महिला को उपयोग करते हुए विपक्ष के लोगों ने उन्हें फंसाया है।





इस मामले में पुलिस ने केस डायरी अदालत को सौंप दी है और जिसमें मुखे पर सीधा आरोप लगाया गया है। केस डायरी को देखने के बाद ही प्रधान न्यायधीश ने मुखे की अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया। मुखे के अधिवक्ता केएम सिंह ने बताया कि वे शीघ्र ही मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।