रांची/ बेंगलुरु। दो दिवसीय बाजरा उत्सव,बाजरा आहार मेला बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में संपन्न हुआ। पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य इस प्राचीन सुपरफूड की खपत को बढ़ावा देकर और किसानों की आय में वृद्धि करके दुनिया की खाद्य आदतों को बदलना है। बाजरा की खेती को प्रोत्साहित करना है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बाजरा स्टार्ट-अप और उद्यमिता को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है।





एफएसएसएआई के सीईओ कमला वनर्धन राव ने एफएसएसएआई की विस्तृत योजनाएं जैसे फ़ूड सेफ्टी ऑन व्हील्स योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फ़ूड सेफ्टी ऑन व्हील्स योजना खाद्य परीक्षण के लिए मोबाइल इकाइयां प्रदान करना है, जिसे फ़ूड सेफ्टी ऑन व्हील्स कहा जाता है ताकि यथासंभव अधिक से अधिक संपर्क बिंदुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचा जा सके। उन्होंने एफएसएसएआई ईट राइट कैंपस-एफएसएसएआई के बारे में भी बात की।





कार्यक्रम के दौरान, निफ्टेम-तंजावुर के निदेशक प्रोफेसर पलानीमुथु ने खाद्य प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप की बढ़ती मांग के बारे में बात की।कार्यक्रम में बिग फाउंडेशन के सीईओ डॉ. एचएन सुमा, न्यूट्रिहब टाइम हैदराबाद के सीईओ डॉ. दयाकर राव बी, कनेक्ट एंड लीड्स नेक्सटेक के संस्थापक नवनीत रविकर, नाबार्ड बेंगलुरु की जीएम विनीता ने अपने विचार रखे।





पीईएस विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा आयोजित फूड शो के साथ-साथ बाजरा के लिए क्रेता-विक्रेता बैठक का भी आयोजन किया गया। बाजरा आहार मेले में विभिन्न बाजरा स्टार्ट-अप के 100 से अधिक स्टॉल थे और 20000 से अधिक आगंतुकों ने इसका दौरा किया।