विशेष संवाददाता,रांची। झारखंडी सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कहा है कि अमर शहीद धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।





विजय शंकर नायक ने बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। मौके पर उन्होंने कहा कि हमें भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को पूरा करने के लिए जल, जंगल, जमीन और झारखंडी पहचान की लड़ाई को गति देने की जरूरत है।कोकर स्थित भगवान बिरसा के समाधि स्थल पर उनके पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा की सरकार हो या वर्तमान हेमंत सोरेन की सरकार।किसी ने भगवान बिरसा मुंडा के सपनों को पूरा करने, जल, जंगल,जमीन की लड़ाई , अबुआ दिसुम, अबुआ राज स्थापना की दिशा में ठोस पहल नहीं किया,जिस कारण आज राज्य निर्माण के 23 वर्षों में भी भगवान बिरसा मुंडा के सपने अधूरे हैं।





विजय शंकर नायक ने कहा कि सभी सरकारों ने जल, जंगल, जमीन लूटने वाले भू- माफियाओं, वन माफियाओं को संरक्षण देने का ही कार्य किया है। आज स्थिति बद से बदतर हो गई है। राज्य निर्माण के बाद झारखंडी समाज अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्हें ऐसा लग रहा है कि झारखंड का गठन जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया था,जिन सपनों को अमलीजामा पहनाना था, वीर शहीदों के सपनों को पूरा करना था, आज वह सपने बिखरे पड़े हुए हैं।झारखंडी समाज अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। राज्य की जनता बेरोजगारी, पलायन, जल, जंगल, जमीन की लूट से परेशान है। जनता की गाढ़ी कमाई को विकास के नाम पर लूट लिया जा रहा है और झारखंडी जनता विकास के नाम पर विनाश का सामना करने पर विवश है।





इस अवसर पर सुनील कुमार, अजय नाग,मन्टु राम,दीपक पासवान, मो.परवेज, कुन्दन कुमार सिन्हा, भूषण कच्छप ने भी भगवान बिरसा मुंडा को माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि दी।