गुमला।भारतीय महिला फुटबॉलर अष्टम उरांव शुक्रवार को अपने पैतृक गांव बिशुनपुर प्रखंड के गोर्राटोली पहुंची।अष्टम दो साल बाद अपने गांव पहुंची और परिजनों से मिली। अष्टम का गांव पहुंचने पर पारंपरिक रीति रिवाज से स्वागत किया गया।अष्टम का पैर धोया गया और पैर छुआ गया।





अष्टम उरांव ने कहा कि अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।इससे मैं काफी खुश हूं। हमें और हमारी टीम को इस वर्ल्ड कप से बहुत कुछ सीखने को मिला है।उससे हम लोग आगे बेहतर कर पायेंगे। अष्टम ने कहा कि हम लोग मैच हारे हैं हौसला नहीं। भारत को विश्व कप दिलाना है।





अष्टम उरांव ने कहा कि हमारी टीम ने पूरी ईमानदारी से शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार होकर पूरी मजबूती के साथ अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में अपना खेल का प्रदर्शन किया है। अष्टम ने कहा कि मैच में हार-जीत लगा रहता है। इससे हम लोग नहीं घबरा रहे हैं क्योंकि शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत ज्यादा मजबूत हो चुके हैं।जिसके बल पर हम एक दिन निश्चित रूप से कामयाब होंगे।





अष्टम उरांव ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी जब किसी खेल को खेलता है,तो पूरे हौसले और जुनून के साथ खेलना चाहिए।तभी उनकी प्रतिभा निकलकर सामने आयेगी। अष्टम ने कहा कि फुटबॉलर बनना मेरा बचपन का शौक था और जब मैं इंडिया टीम के लिए चयनित हुई तो मुझे कप्तान बनना था।मैं पूरी ईमानदारी के साथ काम करती गयी।यही वजह है कि मुझे हमारे कोच द्वारा कप्तान बनाया गया।इससे मैं काफी खुश हूं।





फीफा कप खेल कर लौटी सुधा तिर्की का स्वागत





फीफा वर्ल्ड कप अंडर-17 फुटबॉल खेल कर लौटी चैनपुर प्रखंड की बेटी सुधा अंकिता तिर्की का चैनपुर पहुंचने पर प्रखंडवासियों ने जोरदार स्वागत किया।बस स्टैंड के पास जुटे ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ फूल माला पहनाकर भारत माता के जयकारे के साथ सुधा का स्वागत किया और पूरे चैनपुर में नगर भ्रमण कराया।जगह-जगह पर लोगों ने सुधा अंकिता का स्वागत किया।सुधा अंकिता ने कहा कि देश के लिए मैच खेलना हमें बहुत ही अच्छा लगा।अब आगे भी निरंतर प्रयास करते हुए अपने देश और अपने गांव का नाम रोशन करूंगी।





चैनपुर के लिए गर्व की बात





जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि चैनपुर प्रखंड के लिए गर्व की बात है कि सुधा देश के लिए फुटबॉल खेलकर लौटी है।चैनपुर में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो नित्य बेहतर प्रदर्शन कर आगे बढ़ रहे हैं।मुखिया सुशील दीपक मिंज ने कहा कि सुधा के कारण चैनपुर प्रखंड का नाम हुआ है।सुधा आगे और बेहतर करें इसके लिए हर संभव मदद की जाएगी।मौके पर प्रमुख ओलिभाकांता कुजूर, थानेदार आशुतोष कुमार सिंह, इंस्पेक्टर बैजू उरांव, मुखिया सुशील दीपक मिंज, बजरंग गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।