रांची। झारखंड में 1000 करोड़ के अवैध खनन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)द्वारा गिरफ्तार पंकज मिश्रा का रुतबा सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद भी कम नहीं हुआ था। पंकज मिश्रा आईएएस,आईपीएस अधिकारियों से फोन पर बातचीत तो करता ही था और अपने ही केस को मैनेज करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता को फोन भी किया था। इस राजनेता ने पंकज मिश्रा को डपट दिया था।ईडी को ये भी पता चला है कि बीते माह अगस्त में पंकज मिश्रा ने साहिबगंज के पतना ब्लॉक के उप प्रमुख जाकिर शेख को भी धमकी भरा फोन किया था और देख लेने की धमकी दी थी।





पंकज ने भाजपा के बड़े राजनेता से मांगी थी माफी





मिली जानकारी के अनुसार पंकज मिश्रा ने बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े राजनेता को फोन किया था।ओके मिश्रा ने फोन पर पूर्व में अपने दिए बयानों को लेकर माफी भी मांगी।इसके बाद केस में ईडी से राहत के लिए पैरवी करने की बात की।जिसके बाद भाजपा के राजनेता ने पंकज मिश्रा को डांटा था।





जेल से भ्रष्टाचारी चला रहे सरकार-बाबूलाल





ईडी द्वारा पंकज मिश्रा पर खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को घेरा है। बाबूलाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे ग‌ए पंकज लगातार राज्य के अधिकारियों से फोन पर बात कर कामकाज का निर्देश दे रहे थे। भ्रष्टाचार के कैदियों को मोबाइल से अ़फसरों से बात करने की सुविधा देकर सरकार चलाने में मदद लेने वाला झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है।बाबूलाल ने कहा मैं कहता था कि साहिबगंज में पंकज की सरकार चलती है। वहां के डीसी-एसपी पंकज के लठैत की तरह काम कर रहे हैं।





पंकज की सक्रियता की ईडी को मिली थी सूचना





हाल के दिनों में ईडी को लगतार पंकज मिश्रा की फोन पर सक्रियता की सूचना मिल रही थी।कंपनियों के लिए टेंडर दिलाने से लेकर ट्रांसफर- पोस्टिंग और प्रशासनिक कामकाज को लेकर पंकज मिश्रा रिम्स के पेईंग वार्ड से ही फोन किया करता था।





ईडी ने बुधवार को 2 लोगों को हिरासत में लिया था





ईडी बुधवार की सुबह पंकज मिश्रा के ड्राइवर और सेवक के तौर पर रह रहे दो करीबियों को पूछताछ के लिए उठा ले गई। दोनों पर पंकज को फोन पर बात करवाने की बात कही गई है। इसके बाद से पूरे दिन रिम्स में पंकज की सुरक्षा सख्त कर दी गई।पंकज दिन भर सामाचार देखता रहा।बताया गया कि पंकज के कमरे के आसपास की गतिविधियों की जानकारी के लिए ईडी सीसीटीवी की डीवीआर ले गई है। रिम्स उपाधीक्षक ने बताया कि हमें डीवीआर ले जाने की अधिकारिक जानकारी नहीं है।