पलामू के पांकी में सामान्य हुए हालात,खुले बाजार और इनटरनेट खुला,हिंसा पर प्रशासन का छलका दर्द,पीड़ितो को मिलेगा न्याय
किसी भी विवाद के निपटारे के लिए बनाई जाएगी कमेटी , शांति समिति की बैठक में हुआ निर्णय
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर। पलामू जिले के पांकी हिंसा के पांच दिनों बाद हालत सामान्य हो रहे हैं। रविवार को शांति समिति की बैठक के बाद दुकानों को शाम छह बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। हालात और बेहतर होने पर धारा 144 में छूट दी जाएगी।रविवार को सुबह 10 बजे से इंटरनेट सेवा शुरू हो गई। प्रशासन ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सावधान रहने की अपील की है।
रविवार को पांकी थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पलामू डीसी ए दोड्डे ने की। बैठक में विधायक डॉ शशिभूषण मेहता, एसपी चंदन कुमार सिन्हा, सीनियर आईपीएस इंद्रजीत महथा, प्रियदर्शी आलोक, पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह , मुमताज़ खान ,पूर्व जिला परिषद सदस्य लवली गुप्ता के अलावा कई टॉप अधिकारी और दोनों पक्ष के लोग मौजूद थे। शांति समिति की बैठक करीब दो घंटे तक चली। जिसके बाद बाजार खोलने की अपील की गई। पांकी हिंसा के बाद दोनों पक्ष के लोगों ने अपने-अपने विचार को रखा। कई बिंदुओं पर अपनी बात रखी।
डीसी ए दोड्डे अपने सम्बोधन के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आंखों के सामने 15 -16 वर्ष के बच्चे पत्थरबाजी कर रहे थे। यह समाज के लिए चिंतनीय है कि आखिर बच्चों को कौन भड़का रहा है। डीसी ने कहा कि पांकी में इस तरह के विवाद के निपटारे के लिए स्थानीय स्तर पर प्रबुद्ध लोगों की कमेटी बनाई जाएगी। जबकि रोड की मापी कर अतिक्रमण को हटाया जाएगा। लोगों से अपील है कि वे सरकारी कार्यो में बाधा नहीं डाले।
डीसी ने कहा कि अगर हालात सामान्य रहे तो प्रतिबंधों में और छूट दी जाएगी।डीसी ने कहा कि लोग सोशल मीडिया के इस्तेमाल को अलर्ट रहें। ऐसा नहीं की इंटरनेट सेवा शुरू हो गई है। लोग आपत्तिजनक मैसेज को फॉरवर्ड न करें। वहीं पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने कहा कि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर लोग आपत्तिजनक पोस्ट नहीं करें। उन्होंने कहा कि लोग कानून का पालन करे, दोषियों को पुलिस पाताल से भी खोज निकालेगी। पांकी में हालात समान्य हो गए हैं, लेकिन पुलिस और अधिकारी मुस्तैद हैं। बुधवार के बाद रविवार को हालात सामान्य हुए हैं। अब तक मामले में डेढ़ दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने अपील की है कि दोषियों को बचाने के लिए पैरवी नहीं करें। प्रशासन के पास घटना से जुड़े हुए वीडियो और फोटो मौजूद हैं।





