चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय में कई सरकारी विभागों के दफ्तर सूने पड़े मिलेंगे। इस क्षेत्र के लोग लगभग सौ किलोमीटर का दूरी तय कर जिला मुख्यालय आते हैं सरकारी काम करवाने के लिये, लेकिन सरकारी दफ्तरों में अधिकारी पदाधिकारियों की उपस्थिति नगण्य होने के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिले के अधिकतर कार्यालयों में कमोबेश यही स्थिति है,सरकारी दफ्तरों में हालात यह है कि अधिकारी हैं, तो बाबू नहीं, बाबू हैं, तो बड़े साहब नहीं।
जनता दर्शन के दिन भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती है। सरकारी कार्यालयों में जनता दर्शन का मतलब अधिकारियों पदाधिकारियों को दूर दराज से आने वाली जनता का दर्द को सुनना और उनकी समस्या का समाधान करना है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसे में जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस करती है। खास कर बुजुर्गो व महिलाओं को काफी समस्या हो रही है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान तो लोगो को भरोसा रहता है कि अधिकारी/कर्मचारी फील्ड में हैं। लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति काफी कम रहती है इससे जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।





