पूसू प्रतिनिधि,गिरिडीह। जिले में सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध पारसनाथ पर्वत में लगी आग से पहाड़ में दुर्लभ पेड़, पौधे,जीव जन्तुओं की क्षति हो रही है।वन्य एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जहां वन्य जीव संरक्षण वन महोत्सव वृक्ष लगाओ,जीवन पाओ आदि कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।इनमें करोडों की राशि खर्च की जा रही है।वहीं जंगल में आग लगने से लाखों पेड़ पौधे नष्ट हो रहे हैं।आग लगने से जंगली फल,आम के पेड़, केंदु, पत्ता,सैयां कोईर आदि के वृक्ष लताएं नष्ट हो रही है।वहीं औषधीय वृक्ष नीम,करंज,बबूल,कोरइफ, सतमूली आदि भी नष्ट हो जा रहा है।जबकि पिछले वर्ष सुभाष कुमार,मनोज कुमार,आनंद कुमार,बिरजू महतो,अनिल कुमार ने वनकर्मियों को आग बुझाने में सहयोग किया था।





इस बार 25 अप्रैल को फिर पारसनाथ पहाड़ के चरकाखेर,सरअबेनदा, ढोगापनी,केरवापानी आदि जगहों में भीषण आग लगी लगी है। पंचायत समिति सदस्य रामेश्वर चौधरी और सुभाष कुमार ने इसकी सूचना विभाग के अधिकारी को दिया पर कोई ठोस पहल अब तक नहीं किया जा सका।नतीजन अभी पूरे जंगल के उपरी हिस्से में आग लगी है,जो पारसनाथ पर्वत के बीसियों किलो मीटर की दूरी से भी रात्रि समय देखा जा सकता है।