पीएचडी का जल नल योजना बना हाथी दांत:पूर्व मुखिया प्रतिनिधि
यह जल मीनार2018 में 50 घरों को शुद्ध पेयजल का मिला था सौगात
प्रतिनिधि,चौपारण,हजारीबाग।प्रखंड के ग्राम पंचायत दादपुर के चौपारण-चतरा रोड किनारे दलित भुइयां टोली में बना पीएचडी विभाग से जल नल योजना हाथी दांत बनकर रह गया है। उक्त बातें गांगो मसोमात, सुदामा मसोमात, सीता मसोमात, रीता देवी, सुधा देवी,आरती देवी,सुमा देवी, रानी देवी,गौरा देवी, करमतिया देवी, महेंद्र भुइयां, छोटन भुइयां, सरजू भुइयां, डोमन भुइयां, जिक्षु भुइयां, जगदेव, मनीष, छोटू भुइयां, भुखन भुइयां, दिनेश भुइयां सहित 50 घरों के दलित भुइयां समाज के लोगों के समक्ष समाजसेवी सह पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अरविंद सिन्हा ने बताएं।उन्होंने कहा कि दलित समाज के उत्थान के लिए पीएचडी विभाग ने शुद्ध पेयजल की व्यवस्था 2018 में किया था,जिससे दलित समाज के 50 घरों में शुद्ध पेयजल का लाभ मिला। वर्तमान में साल डेढ़ साल से खराब हो गया है,जिसे ठीक करवाने के लिए एक तरफ मुखिया को और दूसरी तरफ पीएचडी विभाग से मांग कर रहें हैं। पर किन्हीं के द्वारा सकारात्मक पहल नही किया जा रहा है।
इस संबंध में दादपुर मुखिया गंदौरी दांगी एवं पंचायत सेवक मुकेश कुमार ने कहा कि मुखिया मद को सरकार ने दो विभाग में बांट कर खर्च करने का निर्देश दिया है, जिसमें एक टाइड योजना में 60 प्रतिशत और अनटाइड योजना में 40 प्रतिशत मद का उपयोग करना है। टाइड योजना से जल नल एवं स्वच्छता योजना में खर्च करना है। जबकि अनटाइड योजना में नली- गली, फेबर ब्लॉक सहित अन्य योजना में उपयोग करना है। साथ ही कहा कि टाइड योजना से खराब जलमीनार का काम किया जा सकता है। इसके लिए पीएचडी विभाग का लिखित आदेश की जरूरत है,जो पीएचडी विभाग देना नही चाहता है।
पीएचडी कनीय अभियंता विमल कुमार ने कहा कि खराब जलमीनार का जांच करवाने के लिए मिस्त्री भेजे हैं। साथ मुखिया जी कहे थे कि आप एक लिखित जानकारी दें कि जल मीनार खराब होने के कारण पानी का सप्लाई नही हो रहा है। अब सवाल उठता है कि दोनों जिम्मेवार लोग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा कर दलित समाज के लोगों को एक बूंद पानी के लिए तरसा रहे है। वहीं गर्मी अपना रंग दिखाने लगा है। जल्द जल नल योजना का जलमीनार ठीक नही किया गया तो समाजसेवी अरविंद सिन्हा के नेतृत्व में दलित समाज आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएंगे।





