प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के बादम-रावत के बीच बदमाही नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण का शिलान्यास विधायक अंबा प्रसाद, बड़कागांव मध्य जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, बादम पंचायत के मुखिया सुनीता देवी द्वारा संयुक्त रूप से नारियल फोड़ कर किया गया। उक्त पुल का निर्माण झारखंड सरकार ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा लगभग 5 करोड़ प्राक्कलन राशि की लागत से बनेगी। पुल का निर्माण करने का रामेश्वरम प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंस्ट्रक्शन को मिला है।शिलान्यास समारोह के बाद कांग्रेस पार्टी के पंचायत अध्यक्ष त्रिलोकी साव की अध्यक्षता एवं विक्रम गुप्ता के संचालन में सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि इस पंचायत का यह उच्च स्तरीय पुल का निर्माण होना ग्रामीणों का मेहनत का फल है। ग्रामीण इसे अपने देखरेख में टिकाऊ बनाने का सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कंस्ट्रक्शन को समय के साथ गुणवत्तापूर्ण पुल निर्माण का निर्देश दिया। विधायक ने आगे ग्रामीणों से कहा कि आप लोग विस्थापन का दंश झेलने वाले हैं। क्षेत्र में कई कंपनियां केंद्र सरकार द्वारा आवंटन किया गया है। आपका क्षेत्र भी अछूता नहीं है। कोई भी कंपनी कांग्रेस द्वारा लाया गया 2013 कानून अधिनियम का अनुपालन नहीं कर रही है। फॉरेस्ट एक्ट भी नहीं मानी जा रहा है। भाजपा की केंद्र सरकार कंपनी आवंटन कर विस्थापन का मुख्य मुद्दा बना दिया गया है। कोई भी सांसद विस्थापन एवं मुआवजे को लेकर संसद में आवाज नहीं उठाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप अड़े रहेंगे तभी हम जनप्रतिनिधि आपके साथ खड़े रहेंगे। यदि आप डिग जायेंगे तो कोई भी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी आपको मदद नहीं कर सकता है। गोंदलपुरा के ग्रामीण की तरह आपको भी संगठित होकर रहना होगा, नहीं तो धोखे से साइन करा कर आपको बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।उन्होंने आगे कहा कि पंचायत कोर कमेटी के माध्यम से सभी पंचायत में विकास की योजनाएं धरातल पर उतारी जा रही है।
जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी ने कहा कि जनता की सहयोग मिलती रहेगी तो क्षेत्र में विकास होती रहेगी। बाहरी लोगों को कंपनी में काम नहीं मिलनी चाहिए।इस अवसर पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष विशेश्वर नाथ चौबे, पूर्व मुखिया दीपक दास, विधायक प्रशासनिक प्रतिनिधि जगत नंदन प्रसाद गुप्ता, सुरेश महतो, जमाल सगीर ,शमशेर अंसारी, जुबेर खान, मोहम्मद अहमदुल्लाह, काशीनाथ साहू, मोहम्मद फैजल, उमाशंकर कुमार, वीरेंद्र कुमार, शंकर साव, रीजन साव, फिरोज अंसारी, इंद्रदेव राम, मोहन साहू, सेवक साव, अशोक साहू, अर्जुन साहू, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष शामिल थे।





