लातेहार।झारखंड के लातेहार जिले में नक्सलियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कामयाबी पाई है।तीन दशक से अधिक समय तक बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों का गढ़ था।बूढ़ा पहाड़ पर ऑपरेशन ऑक्टोपस चलाकर सुरक्षाबलों ने बीते साल सितंबर महीने में नक्सल मुक्त करा लिया था।बूढ़ा पहाड़ पर लगातार नक्सलियों के खिलाफ गुप्त सूचना के आधार पर चलाए जा रहे अभियान में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर 4 अत्याधुनिक हथियार सहित भारी मात्रा में गोलियां बरामद की है।बता दें कि लगातार बूढ़ा पहाड़ सहित कई अन्य बीहड़ जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान और सर्च अभियान जारी है।





पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को मिली खुफिया जानकारी पर कोबरा 209 बटालियन और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से बूढ़ा पहाड़ के जोक पानी एरिया में छापेमारी की।छापेमारी में नक्सलियों द्वारा छुपाए गए एक एलएमजी, दो एसएलआर राइफल और एक इंसास राइफल के अलावा 470 राउंड गोलियां बरामद हुई।





नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले बूढ़ा पहाड़ को भले ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों से मुक्त करा लिया हो,लेकिन अभी भी बूढ़ा पहाड़ के क्षेत्र में भारी मात्रा में आईईडी बम और गोला बारूद नक्सलियों ने छुपा कर रखा है,जिसकी बरामदगी के लिए लगातार सर्च अभियान चल रहा है।





झारखंड और छत्तीसगढ की सीमा पर लातेहार और गढ़वा जिले में स्थित बूढ़ा पहाड़ को लगभग 32 सालों के बाद सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ऑक्टोपस चलाकर नक्सलियों के कब्जे से बीते साल सितंबर महीने में ही मुक्त करा लिया था।जहां सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन ऑक्टोपस और बूढ़ा पहाड़ को तीन दशक के बाद नक्सल मुक्त कराए जाने वाले अभियान की तारीफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी।





नक्सल मुक्त अभियान को लेकर लगातार सुरक्षाबल बूढ़ा पहाड़ पर सर्च अभियान चला कर नक्सलियों द्वारा छुपाए गए गोला, बारूद, हथियार और आईडी बम को बरामद कर रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद नक्सलियों का गढ़ बूढ़ा पहाड़ गए थे। सीएम ने बूढ़ा पहाड़ और उसके आसपास के ग्रामीणों के लिए विशेष तौर पर कई योजनाओं की शुरुआत की है।