लखनऊ। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी का अपने ही सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर थमने का नाम नहीं ले रहा है।एक बार फिर वरुण गांधी ने ट्विटर बम फोड़ते हुए अपनी ही सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरा है। उन्होंने रिक्त पड़े पदों के आंकड़ों के साथ अपनी सरकार पर निशाना साधा है।





भाजपा सांसद वरुण गांधी ने शनिवार को अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए सवाल पूछा है कि कहां गया वो बजट जो इन पदों के लिए आवंटित था। उन्होंने ट्वीट के साथ कुछ आंकड़ों को साझा करते हुए लिखा है कि जब बेरोजगारी 3 दशकों के सर्वोच्च स्तर पर है,तब यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं।जहां भर्तियां न आने से करोड़ों युवा हताश व निराश है तो वहीं, सरकारी आंकड़ों की ही मानें तो देश में 60 लाख स्वीकृत पद खाली हैं।उन्होंने आगे पूछा कि कहां गया वो बजट जो इन पदों के लिए आवंटित था? यह जानना हर नौजवान का हक है।





भाजपा सांसद ने इससे पहले एक छात्र की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा था कि जिस पद की आकांक्षा में छात्र खून पसीना एक कर देते है, परिजन अपना सर्वस्व समर्पित कर देते हैं, उसकी यूं खुलेआम बोली लगते देख लाखों मेहनतकश युवाओं का मनोबल टूट रहा है। #UPSI2021 भर्ती में धांधली हुई है, पकड़े गए दर्जनों लोग इसके गवाह हैं। न्याय की गुहार में मैं आप सभी के साथ हूं। ऐसी धांधलियों से वर्षों तक अपना पेट काट कर बच्चों को पढ़ाने वाले माता-पिता की कुर्बानियों का भी अपमान होता है। आशा करता हूं की सरकार छात्रों की मांग को मानेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो इसके लिए कठोर कदम भी उठाएगी।





आपको बताते चलें कि ये पहला मौका नहीं है जब किसी मुद्दे को लेकर वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार की आलोचना की हो। वरुण गांधी इससे पहले भी कई मौकों पर अपनी सरकार के खिलाफ खड़े नजर आए हैं।एक हफ्ते पहले इसी बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि देश प्रशासनिक अक्षमता की कीमत चुका रहा है।पिछले कुछ सालों में छात्रों की स्थिति खराब हुई है और उन्हें अपने अधिकारों और पढ़ाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पूरे परिवार की महत्वाकांक्षाओं का बोझ अपने कंधों पर लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की कहानी पिछले कुछ सालों में संघर्ष की लंबी कहानी बन गई है।अब छात्र न केवल पढ़ते हैं बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा भी करते हैं। अप्रैल महीने में भी वरुण गांधी ने पीलीभीत में एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान केंद्र और राज्य सरकार को बेरोजगारी के मामले पर घेरा था।





वरुण गांधी ने रिक्त पदों और लीक होते पेपर और रिक्त पदों पर भर्ती ना आने का मुद्दा ट्विटर के जरिए उठाया था और पेपर लीक होने के मामलों का जिम्मेदार शिक्षा माफिया को भी बताया था।वरुण गांधी बीते कुछ दिनों से लगातार अपनी ही सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्विटर के जरिए बागी तेवर दिखाते नजर आ रहे हैं।