आगरा।उत्तर प्रदेश के आगरा में स्मारकों का दीदार करने के लिए अब लोगों को पूर्ण रूप से ऑनलाइन सुविधा देने की भारतीय पुरातत्व विभाग ने तैयारियां कर ली है।अभी तक कई स्मारकों पर ऑनलाइन टिकट बुक होती थी,लेकिन अब ऑफलाइन टिकट को पूर्ण रूप से बंद करने की तैयारी है।इसका पहला ट्रायल एएसआई ने आगरा के सिकंदरा स्थित मरियम टॉम्ब स्मारक पर किया।
बिना बैंक अकाउंट के नहीं कर पाएंगे स्मारकों का दीदार
जिन पर्यटकों के पास बैंक अकाउंट नहीं होगा उनका टिकट बुक नहीं हो पाएगा।ताजनगरी आगरा में विश्वविख्यात स्मारक मोहब्बत की निशानी ताजमहल के साथ कई ऐतिहासिक स्मारक हैं।इनमें आगरा किला, मेहताब बाग, रामबाग, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी, जोधा बाई का महल समेत लगभग आठ स्मारक हैं।इन स्मारकों में टिकट से प्रवेश की व्यवस्था है। ऐसे में स्मारकों के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से पर्यटक टिकट बुक करा सकते थे,लेकिन अब पुरातत्व विभाग पूरी तरह से टिकट व्यवस्था को ऑनलाइन करने जा रहा है।
मरियम टाम्ब स्मारक पर किया गया ट्रायल
पुरातत्व विभाग ने ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था शुरू करने के लिए सबसे पहले आगरा के मरियम टाम्ब स्मारक को चुना। जहां पर ऑनलाइन टिकट की शुरुआत की। पुरातत्व विभाग के अधीक्षक आरके पटेल ने बताया कि मरियम टाम्ब को इस चरण में चुनने का कारण यह है कि यहां पर दिन में सिर्फ 50 से 60 टिकटों की ही बिक्री होती है।ऐसे में यहां पर आसानी से ट्रायल कर लिया गया।जिसके बाद अब अन्य स्मारकों पर भी यह व्यवस्था लागू की जानी है।
पहले की तरह काम करेगा ऑनलाइन टिकट सिस्टम
पुरातत्व विभाग अधीक्षक आर के पटेल के अनुसार नया ऑनलाइन टिकट सिस्टम पहले की तरह ही काम करेगा। पहले एएसआई केनरा बैंक और पे यू कंपनी के जरिए काम कर रहे थे,लेकिन अब यह सारा काम एनडीआरएफ के जरिए होगा।इसमें खास बात यह है कि अब जो लोग एंड्रॉयड यूजर नहीं हैं।वह भी एसएसएमएस और ओएसडी कोड के जरिए टिकट बुक करा सकेंगे।टिकट बुकिंग में नेटवर्क की जो परेशानी आ रही है उसका भी निवारण किया जा रहा है।
पर्यटकों को नहीं होगी कोई परेशानी
आर के पटेल ने बताया कि जिन पर्यटकों के पास कोई भी बैंक खाता नहीं है। उनके लिए किसी दूसरी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में कोई अन्य डिजिटल तरीका शुरू किया जाएगा या फिर किसी दुकानदार को ऑफलाइन टिकट बेचने का टेंडर भी दिया जा सकता है।जिससे पर्यटकों को परेशानी ना हो और वे आसानी से टिकट बुक करा सकें।
कई बार पर्यटकों के साथ हो चुका है फ्राड
आपको बता दें कि इससे पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट की व्यवस्था स्मारकों पर की गई थी।ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट व्यवस्था में पर्यटकों के साथ कई बार फ्राड की घटनाएं सामने आ रही थी और टिकट की कालाबाजारी भी की जा रही थी।इसको लेकर पुरातत्व विभाग ने यह प्रभावी व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।





