रांची।झारखंड में मनीलॉन्ड्रिंग मामले की आरोपी निलंबित आईएएस पूजा सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होने के बाद शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोर्ट में सरेंडर कर दिया।सरेंडर करने के बाद पूजा सिंघल को दुबारा से न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार जेल भेज दिया गया।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय ओका की अदालत ने पूजा सिंघल को इसी साल 3 जनवरी को उनकी बेटी की तबीयत खराब होने के बाद मेडिकल ग्राउंड के आधार पर 1 महीने की अंतरिम जमानत दी थी।जमानत अवधि के दौरान पूजा सिंघल को रांची के बजाय दिल्ली में रहने का निर्देश दिया गया था।





खूंटी जिले में हुए मनरेगा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)ने 6 मई 2022 को आईएएस पूजा सिंघल और उनके करीबियों के दो दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान 19 करोड़ से अधिक की नगदी और करोड़ों रुपए के निवेश से संबंधित दस्तावेजों को ईडी के अधिकारियों द्वारा जब्त किया गया था।





इसके बाद ईडी ने पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था और तब रांची के होटवार जेल में बंद थी। पूजा सिंघल लगातार जमानत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन झारखंड हाई कोर्ट से पूजा सिंघल निराशा हाथ लगी थी। इसके बाद पूजा सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया,जिसके बाद इसी साल 3 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल को 1 महीने की अंतरिम जमानत दी थी।





बता दें कि झारखंड के पूर्व उद्योग एवं खान सचिव निलंबित आईएएस पूजा सिंघल भारतीय प्रशासनिक सेवा 2000 बैच के झारखंड कैडर की अधिकारी हैं। ईडी ने पूजा सिंघल के साथ उनके पति अभिषेक कुमार झा और खूंटी जिले के कई इंजीनियरों और अधिकारियों को चार्जशीट किया था।