प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव बुढ़वा महादेव परिसर में बड़कागांव एवं केरेडारी प्रखंड के वन प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध लोगों की जागरूकता बैठक की गई । बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी एवं संचालन वन प्रबंधन समिति कांडतरी के अध्यक्ष बालेश्वर महतो ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से जंगल काटने पर रोक, महुआ चुनने एवं शिकार करने वालों के द्वारा जंगलों में लगाए गए आग को बुझाने के प्रति समितियों को जागरुक किया गया।





कुंदरु, आंगो, सतबहिया, अंबाटोला, उरेज, फटरिया पानी आदि जंगलों में स्थानीय लोगों के द्वारा जंगली जानवरों का शिकार किया जाता,जिसे रोकने पर गहन विचार किया गया। मौके पर कांडतरी वन समिति अध्यक्ष बालेश्वर महतो ने कहा कि जंगल को बचाना हमारा कर्तव्य है। जंगल बचेगा तभी हमारा पर्यावरण संरक्षित होगा । सभी समिति को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। 50% आग जंगली जानवर मारने वाले शिकारी लोग लगा दे रहे हैं। इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।





सदस्य कुलेश्वर कुमार ने कहा कि हम लोग रात दिन जंगलों में आग बुझाने का काम कर रहे हैं ।महुआ चुनने वालों लोगों को समझाते हैं कि जंगलों में आग ना लगाएं इससे छोटे-छोटे पौधे एवं जंगली जानवर मर जा रहे हैं। आग लगने से जंगल का घनत्व भी घट रहा है। वन समिति सदस्य तुलेश्वर महतो ने कहा कि कोई जब जंगल में माचिस मारता है तो मेरा कलेजा जल जाता है, कृपया लोग ऐसा ना करें जंगल को बचाएं जंगल को बचाने के लिए हम लोग रात दिन लगे रहते हैं।





वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि हमारे वन क्षेत्र में अवैध खनन एवं लकड़ियों को काटकर बाजारों में बेचा जाता है, लेकिन वन विभाग के द्वारा कोई सहयोग नहीं मिलता है। इनके अलावा जिप सदस्य सुनीता देवी, उप प्रमुख वचन देव कुमार एवं कांड तरी पंचायत मुखिया पारसनाथ प्रसाद ने भी लोगों को संबोधित कर जंगल बचाने के लिए समिति के लोगों को प्रेरित किया।





मौके पर मुख्य रूप से जिप सदस्य सुनीता देवी ,उप प्रमुख बचनदेव कुमार, मुखिया पारसनाथ प्रसाद, बालेश्वर महतो, कुलेश्वर कुमार, तुलेश्वर महतो, इंग्लेश सोनी, बुंडू वन समिति के अध्यक्ष सावित्री देवी, सचिव अर्जुन प्रजापति, इसको वन समिति अध्यक्ष खेलवंती देवी, सलगा वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष रूपलाल साव, उपाध्यक्ष ललिता देवी, सुरेश महतो, विकाश महतो, मनोहर सिन्हा, पियारी महतो, पुर्नी देवी, किन्नू राम, सरजू महतो, फूदो देवी, मनमती देवी, झूना देवी, सबिता देवी, लीला देवी, अनिता देवी, बाली देवी, मुनिया देवी, केसमी देवी, उर्मिला देवी, गीता देवी, सावित्री देवी, बासो देवी, रंजू देवी, बालमती देवी, चंचला देवी, गोपाल प्रसाद महतो, दौलत साव, नारायण महतो, शिवनाथ गंझू के अलावा दर्जनों लोग उपस्थित थे।