रांची/दिल्ली।देशवासी झारखंड आएं। झारखंड में सभी का स्वागत है।यहां आकर देखिए झारखंड कितना खूबसूरत है और यह आगे बढ़ने की क्षमता रखता है।प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस राज्य जब आप आएंगे तब यहां की धरा दिल मोह लेगी।उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में आयोजित झारखंड दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा यह झारखंड के लिए गौरव की बात है।आज झारखंड के आदिवासी और मूलवासी शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक तौर पर अपनी अलग पहचान बनाने में लगे हैं और जहां हर जगह एक प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनी है।हर किसी में अपनी क्षमता और हुनर है,जिसके बल पर वह अपनी पहचान बनाता है,जिस प्रगति मैदान में वर्षों पहले पढ़ाई के दौरान आया था,आज वहां अतिथि के रूप में आया हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के जिस परिवार को दो वक्त का भोजन सही से नहीं मिल पाता था,उस परिवार के बच्चे खेल में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।आज उन सभी हुनरमंद बच्चों को वर्तमान सरकार तराशने में लगी है और आने वाली पीढ़ी को उनके लिए बेहतर मार्ग प्रशस्त करने के लिए रोज नए सोच के साथ देश के सामने आ रही है।
कलाकारों का हौसला बढ़ाया
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में आयोजित झारखण्ड दिवस समारोह में पाईका,पंच-परगनिया,मुण्डारी,मानभूम छऊ, नागपुरी नृत्य के माध्यम से झारखण्ड के कलाकारों ने सबका मन मोहा।एक ओर जहां कलाकारों ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, वहीं,झारखंड के मुख्यमंत्री उनके बीच पहुंच कर उनकी हौसला अफजाई की।
झारखंड के स्टॉल का किया अवलोकन
झारखंड दिवस समारोह में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2022 में झारखंड पवेलियन का परिभ्रमण किया और मेले में भाग लेने वाले झारखण्ड के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने मेले में पलाश,झारक्राफ्ट,खादी,कृषि,पशुपालन विभाग का जैविक कृषि का स्टाल,वन विभाग का स्टाल,ऊर्जा विभाग का जरेडा स्टाल,लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के स्टाल में विशेष रूची दिखाई।
मुख्यमंत्री के साथ मौके पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक दिनेश विलियम मरांडी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, उद्योग सचिव वंदना दाडेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे एवं अन्य उपस्थित थे। मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में झारखण्ड पार्टनर स्टेट के तौर पर शामिल होकर एक अमिट छाप छोड़ा है।





