पलामू।झारखंड के पलामू के मेदिनीनगर में छठ करने की बहुत पुरानी परंपरा है। छठ करने के लिए लोग कई उपाय करते है।जिनके पास सामर्थ्य नहीं होता है वे भीख मांग कर पूजा करते हैं।लंबे समय से यह परंपरा चली आ रही है।इस बार मेदिनीनगर में यह परंपरा शर्मसार हो गई।पूजन सामग्री बांटने वाले भी सर पर हाथ रख लिए। स्थिति ऐसी बन गई कि लोग लकड़ी, सूप, फल, साड़ी और अगरबत्ती तक के लिए आपस में भीड़ गए।जिससे पूजन सामग्री बांटने वाले को परेशानी हुई तो वहीं जिन्हें वास्तव में पूजा करने के लिए पूजन सामग्री की जरूरत थी वे निराश हो गए।
चेंबर के शिविर में जुट गए हजारों लोग
लोगों की मदद के लिए पलामू चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एन्ड इडस्ट्रीज की ओर से शिवजी मैदान में पिछले कई वर्षो से पूजन सामग्री वितरण शिविर लगाया जाता है।इस वर्ष भी इसे सफल बनाने के लिए पहले से प्रचार किया जा रहा था।यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए।सभी लोग धक्का-मुक्की करके पहले लेकर फिर से दोबारा लाइन में लग रहे थे।जब कुछ देर बाद चेंबर के लोगों को यह एहसास हुआ तो लाइन लगाया गया, लेकिन उसमें भी कई लोगों ने बाजी मार ली और जरूरतमंद खड़े रह गए।चेंबर अध्यक्ष आनंद शंकर ने कहा कि अगली बार से इस आयोजन को और दुरुस्त तरीके से किया जाएगा।
वरदान ट्रस्ट को बंद करना पड़ा अपना गेट
जरूरतमंदों को पूजन सामग्री बांटने के लिए वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने सोशल मीडिया पर प्रचार किया था।नतीजा ये हुआ कि यहां हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए।हर कोई सामान लेने के लिए हंगामा किया।ट्रस्ट के लोग इन्हें सम्हाल नहीं सके और भीड़ उनके दरवाजे पर पहुंचकर सामान खुद से उठाने पर उतारू हो गयी। बेलवाटिका चौक तक जाम हो गया।अनहोनी के डर से ट्रस्ट के लोगों ने दरवाजा बंद कर दिया। ट्रस्ट की संचालिका शर्मिला सुमि ने कहा कि जो भी हुआ वो बुरा हुआ। लोग ऐसा करेंगे तो आगे से कार्यक्रम करने के पहले सोचना होगा।
दुखी थे जायंट्स ग्रुप के सदस्य
जायंट्स ग्रुप के सदस्य भी होटल निर्वाणा के सामने स्टॉल लगाकर पूजन सामग्री बांट रहे थे।देखते ही देखते यहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग सामान लूटने पर उतारू हो गए। जाइंट्स के मंजीत प्रकाश ने कहा कि कुछ लोगों इसे धंधा बना लिया है। अगली बार से जरूरतमंदों की सूची बनाकर उनके घरो में जाकर सामान पहुंचाया जाएगा।
छठ पूजा को भी बदनाम कर दिया
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य और धार्मिक व्याख्याता पंडित विजयानंद सरस्वती ने भीख मांग कर छठ करने की पुरानी और पुनीत परंपरा को कलुषित करने वालों की निंदा की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छठ जैसे महापर्व को भी बदनाम करने में लगे हैं।यह सरासर गलत है।ऐसे लोगों को चिन्हित करना चाहिए।
सुबह से ही शहर में जमा होने लगे थे भीख मांगने वाले
नहाय खाय के दिन सुबह से ही भीख मांगने वालों की टोली शहर में जमा होने लगी थी। 10 बज तक बाजार का इलाका भीख मांगने वालों से पट गया। इसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। जानकार बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भीख मांग कर छठ करने की पुरानी मान्यता है।वे छठ से कई दिन पहले ही शहर में आकर रहने लगते हैं और छठ के बाद चले जाते हैं। अब उनके साथ चोपन, विंढमगंज, दूधी आदि जगह से भी हजारों की संख्या में लोग मेदिनीनगर पहुंच रहे हैं।





