गोरखपुर।उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की टीम और बस्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।एसटीएफ और पुलिस की सटीक कार्रवाई से बस्ती जिले के रुधौली से व्यापारी के अगवा 13 साल के बेटे अखंड कसौधन को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया है।एसटीएफ और बस्ती पुलिस ने शनिवार की सुबह सहजनवां कस्बे से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर एक मकान में बंधक बनाकर रखे गए व्यापारी के बेटे को टीम ने सकुशल बरामद किया।रुधौली से 23 अप्रैल को अखंड का अपहरण कर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।रुधौली से अपहरण करने के बाद बदमाशों ने व्यापारी के बेटे अखंड को सहजनवां कस्बे के शिवपुरी काॅलोनी में एक किराए के मकान में बंधक बनाकर रखा था।
एसटीएफ गोरखपुर यूनिट के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह को सूचना मिली कि बस्ती के रुधौली के रहने वाले व्यापारी अशोक कसौधन के बेटे अखंड का अपहरण करने वाले बदमाश सहजनवां में छिपे हैं। सूचना के आधार पर छानबीन में जुटी एसटीएफ की टीम ने सर्विलांस की मदद से शनिवार की सुबह सहजनवां के पाली निवासी सूरज सिंह और उसके भाई आदित्य सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि व्यापारी के बेटे अखंड को सहजनवां कस्बे के शिवपुरी कालोनी में किराए के मकान में बंधक बनाकर रखा है। आरोपियों के साथ कमरे पर पहुंची एसटीएफ और बस्ती जिले की पुलिस ने कमरे में बंधक बनाकर रखे गए अखंड को मुक्त कराया और उपचार के लिए अस्पताल ले गए।दोनों बदमाशों की पहचान गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र के पाली निवासी सूरज सिंह और आदित्य सिंह के रूप में हुई है और ये दोनों सगे भाई हैं।पूछताछ में उन्होंने बताया कि अपहरण बच्चे की पिता की दुकान पर एक साल से कपड़े की सप्लाई करते थे। इस दौरान दुकान पर दोनों का आना जाना लगा रहता था और इसी दौरान उन लोगों ने बच्चे से भी परिचय बना ली थी।
ये है मामला: बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के एक कपड़ा व्यापारी के 13 साल के बेटे को बदमाश अपहरण कर गोरखपुर ले गए और व्यापारी से 50 लाख की फिरौती मांगी।बस्ती जिले की रुधौली नगर पंचायत के गांधी नगर वार्ड में कपड़ा व्यापारी अशोक कसौधन अपने परिवार के साथ रहते हैं। 23 अप्रैल की शाम को अशोक कसौधन का 13 वर्षीय बेटा अखंड उर्फ अनुज अपने घर से सब्जी लेने के लिए बाजार गया था।तभी एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने अखंड को बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया।
बदमाश अखंड के पिता अशोक कसौधन से फोन कर उसके बेटे को छोड़ने की एवज में 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग कर रहे थे।अशोक कसौधन ने पूरी घटना की जानकारी बस्ती पुलिस को दी।जिस नंबर से फिरौती मांगी गई थी उस नंबर को पुलिस ने जब ट्रेस किया तो वह नंबर एक शिवा नाम के युवक का निकला।पुलिस उस नंबर को ट्रेस कर जब युवक तक पहुंची तो वह एक चाय बेचने वाला निकला। पूछताछ में उसने बताया कि अपहरणकर्ता अपनी मोबाइल खराब होने का बहाना बनाकर चाय वाले से फोन मांग कर फोन किया और रंगदारी मांगी थी।इसके बाद पुलिस ने उस एरिया का सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया जिस रास्ते से अपहरणकर्ता बच्चे को लेकर गए थे।उस एरिया के सीसीटीवी को खंगालने पर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से उसका मिलान किया और अपहरणकर्ता की पहचान हुई।





