रांची।झारखंड की राजधानी रांची के बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले जितेंद्र कुमार महेंद्रू के घर में पिछले दिनों यूपी एसटीएफ की टीम ने छापेमारी की थी।इस छापेमारी को उत्तर प्रदेश के जबरिया रिटायर किए गए आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर ने अवैध बताया है।छापेमारी के विरोध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग NHRC में शिकायत करते हुए इसकी जांच की मांग की है।





जानें क्या है मामला





तीन जून 2022 को यूपी एसटीएफ की टीम ने राजधानी रांची के बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले और राणा ऑटोमोबाइल के संचालक जितेंद्र कुमार महेंद्रू के घर छापेमारी की थी।बताया गया कि बरियातू थाने की पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ की टीम बिना कारण बताए जितेंद्र के घर में घुसकर कमरों की तलाशी ली। छापेमारी कर रही टीम के साथ कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।जब यूपी एसटीएफ की टीम वापस जाने लगी तो घर की महिलाओं ने छापेमारी बारे में पूछा तो पुलिस कर्मियों ने कुछ नहीं बताया।इस छापेमारी को लेकर जितेंद्र ने रांची एसएसपी सुरेंद्र झा को पत्र लिखकर पूरी घटना की जानकारी दी।आवेदन देकर एसएसपी को बताया गया कि यूपी एसटीएफ के पास ना तो कोई सर्च वारंट था और ना ही नियमों का पालन किया गया।





बरियातू निवासी राणा ऑटोमोबाइल के मालिक जितेंद्र कुमार महेंद्रू के घर बिना सर्च वारंट के छापेमारी करने के मामले में जबरिया रिटायर किए गए आईपीएस अमिताभ ठाकुर और और उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर ने अवैध छापेमारी बताया है। सोमवार को दोनों ने इसे स्पष्टतया गैर कानूनी काम बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।