रांची।झारखंड की राजधानी में कल जुमे के बाद हुई हिंसा को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपदा प्रबंधन,पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल और एडीजी संजय ए लठकर की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया।समिति राजधानी रांची में कल हुई हिंसा के सभी पहलुओं का पता लगाएगी और सात दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी।





आपको बता दें कि निलंबित भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमकर पथराव और हिंसा हुई।उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में घायल दो दर्जन लोगों में से देर रात दो लोगों की मौत हो गई।





अधिकारी ने बताया कि हिंसा में दो लोगों की मौत की खबर से पूरे शहर में तनाव है।जिसके मद्देनजर रांची के 12 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है और पूरे रांची जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।उन्होंने बताया कि राजधानी में बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की गई है।आम लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए शनिवार सुबह से दो बार त्वरित कार्रवाई बल एवं अन्य अर्धसैनिक बलों का मेन रोड और आसपास की गलियों में फ्लैग-मार्च निकाला गया।





इस बीच झारखंड गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर अफवाहों पर नियंत्रण के लिए शुक्रवार शाम सात बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक रांची में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं,जिसे तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है।





होमकर के मुताबिक हिंसा में 12 पुलिसकर्मियों समेत दो दर्जन लोग घायल हुए थे, जिनमें से कुछ को गोलियां भी लगी थीं। मृतकों की पहचान हिंदपीढ़ी इलाके के लेक रोड निवासी 22 वर्षीय मोहम्मद मुदस्सिर कैफी और लोअर बाजार तर्बला रोड के रहने वाले 24 साल के मोहम्मद साहिल के रूप में की गई है।मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है।





अधिकारियों ने बताया कि रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा को सिर में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।





शुक्रवार को प्रशासन ने राजधानी रांची के मेन रोड और उसके चारों तरफ 500 मीटर तक के दायरे में धारा 144 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी थी।





रांची में हुई हिंसा की राज्यपाल रमेश बैस ने निंदा की है। उन्होंने देर रात मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से बात कर उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।





मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को हुई हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी साजिश का हिस्सा न बनें और शांति व्यवस्था बनाए रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राजधानी रांची में हुई हिंसा को राज्य सरकार की विफलता करार दिया।

उन्होंने ट्वीट किया कि राजधानी रांची के मेन रोड में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ की कड़ी भर्त्सना करता हूं। सरकार वोट बैंक की राजनीति छोड़कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, नहीं तो आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाएं और बढ़ेंगी।





रांची सांसद संजय सेठ ने आरोप लगाया कि गड़बड़ी होने के अंदेशे एवं उपद्रवियों की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की,जिसका परिणाम आम लोगों को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिन उपद्रवियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है और संकट मोचन मंदिर पर हमला किया है,उनकी सूची बनाकर उनकी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए और उस पर बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।यदि राज्य सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करेगी तो दंगाइयों का मन बढ़ना तय है।