रांची। झारखंड की राजधानी रांची के मेन रोड में शुक्रवार को जुमे के बाद पथराव,गोलीबारी हुई थी।इस मामले में राजधानी रांची के तीन थाना क्षेत्रों में नौ एफआईआर दर्ज की गई है।डेली मार्केट में तीन,लोअर बाजार में पांच और हिंदपीढ़ी में एक एफआईआर दर्ज की गई है।इसमें बिहार के पथ निर्माण मंत्री नीतिन नवीन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर शामिल है। मंत्री ने अपनी गाड़ी में तोड़-फोड़ को लेकर डेली मार्केट थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।





पुलिस की ओर से अलग-अलग थानों में चार एफआईआर दर्ज की गई है।चार एफआईआर आम लोगों ने दर्ज करवाई है।पुलिस की ओर से दर्ज करायी गई एफआईआर में 26 नामजद और साढ़े दस हजार अज्ञात है।इसमें सरकारी काम में बाधा डालना,सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और धार्मिक स्थल में तोड़फोड़ आदि का आरोप लगाया गया हैं।आम लोगों की ओर से दर्ज एफआईआर में घर और वाहन में तोड़-फोड़ का आरोप लगाया गया है।





भीड़ ने किया पथराव तो आत्मरक्षा में गोली





डेली मार्केट थाना में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई है।रांची अंचल सीओ अमित भगत की ओर से दर्ज करायी गई पहली एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि बिना अनुमति के एकरा मस्जिद के पास से जुलूस निकाला गया।पुलिसकर्मियों ने उर्दू लाइब्रेरी के पास जुलूस को रोका पर प्रदर्शनकारी धक्का देकर आगे बढ़ गए।इसके बाद फिर टैक्सी स्टैंड के पास रोका गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने जब भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया तो भीड़ उग्र हो गयी और पथराव करने लगी।

इसमें कई पुलिसकर्मी समेत आम लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। इस भीड़ में आठ से दस हजार लोग शामिल थे।सीओ की दूसरी एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने धार्मिक स्थल में तोड़-फोड़ की। लोअर बाजार थाने में भी तोड़-फोड़ और उपद्रव मचाने की एफआईआर दर्ज की गई है।वहीं हिंदपीढ़ी थाने में पुलिस ने चार नामजद और पांच सौ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।





सिटी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित





इस पूरे मामले की जांच और उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी अंशुमान कुमार के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गयी है।एसआइटी में कोतवाली डीएसपी, सिटी डीएसपी, साइबर सेल की डीएसपी, कोतवाली थानेदार, लोअर बाजार थानेदार, हिंदपीढ़ी, चुटिया सहित अन्य थानों के थानेदारों को शामिल किया गया है। शनिवार को पुलिस ने डेली मार्केट के आसपास की दुकानों पर छापेमारी की।छापेमारी के दौरान पुलिस को एक यूपी नंबर की बाइक मिली है जिसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि उपद्रवियों ने डेली मार्केट के आसपास की दुकानों में ही पनाह लेने के बाद अचानक बवाल किया। वहां पत्थर और हथियार छुपाने की आशंका पर पुलिस ने सभी दुकानों को खंगाला। पुलिस पथराव वाली जगह के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उपद्रवियों की पहचान हो सके।





साहिल के पिता ने दर्ज करायी शिकायत





चिश्तिया नगर के रहने वाले मृतक साहिल के पिता मो अफजल ने डेली मार्केट थाने में आवेदन दिया है। इसमें कहा गया है कि उनका पुत्र साहिल अंसारी निजी काम से शुक्रवार को डेली मार्केट गया था।उसी समय अचानक अफरा-तफरी मच गई।लोग इधर-उधर भागने लगे। तभी पुलिस की तरफ से गोली चलने लगी।भागने में साहिल को गोली लग गई। उसे इलाज के लिए रिम्स ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।आवेदन में हत्या की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।





हिंसा में घायल हुए एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने शनिवार को ड्यूटी जॉइन कर ली।एसएसपी शनिवार को लगभग 12 बजे महात्मा गांधी मार्ग पहुंचे और बजरंगबली मंदिर के आसपास हालात का जायजा लिया।एसएसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है।किसी भी तरह की अफवाहों से बचे और उसे फैलाने और फैलने से रोकें।





राजधानी में उपद्रव के बाद पूरे दिन रहा अघोषित कर्फ्यू





शुक्रवार के जुमे के बाद बवाल के बाद शनिवार को राजधानी रांची पूरी तरह सन्नाटे के आगोश में रही।सड़के खाली रही और दुकानें बंद रहीं।मेन रोड समेत कई इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू का माहौल था।मेन रोड समेत सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है। हालांकि पूरे दिन शहर में तनाव रहा, लेकिन कहीं से कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।पुलिस सभी इलाकों में गश्त करती रही।





मारे गये दोनों युवकों का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को कर दिया गया।शनिवार की सुबह से शहर की सड़कों पर रैफ के जवान तैनात थे। पुलिस ने माइक से लोगों के घरों से न निकलने की अपील की। सड़क पर जा रहे लोगों को पुलिस वापस कर रही थी। जरूरी काम वालों को ही जाने की अनुमति थी। बिरसा चौक, सुजाता चौक और कांटा टोली चौक की बैरिकडिंग की गई थी। वाहनों के न चलने से ट्रेन से आने वाले यात्रियों को पैदल ही जाना पड़ा। शुक्रवार की घटना के बाद कई संगठनों ने शनिवार को रांची बंद का आह्वान किया था। इसके कारण भी लोगों ने घरों में ही रहना उचित समझा।





12 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू





राजधानी रांची के 12 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गयी है और प्रशासन सख्ती से पालन करा रहा है। हालांकि सुबह शहर के कई इलाकों में पुलिस ने माइक से शहर में कर्फ्यू लागू रहने की बात कही और लोगों से अपने घरों में रहने की अपील की। हालांकि एसडीएम दीपक दुबे ने स्पष्ट किया कि धारा 144 लागू की गयी है, कर्फ्यू कहीं नहीं लगाया गया है।





बंद रही दुकानें





शहर के सभी इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पर ताला लगा नजर आया।मोहल्लों की दुकानों पर भी ताला लगा हुआ नजर आया।दुकानों के बाहर पुलिस बल की तैनाती थी। वरिष्ठ अधिकारी भी समय समय पर पहुंच कर हालात का जायजा ले रहे थे।कुछ दुकानदारों को दुकान खोलने से पुलिस वालों ने ही मना कर दिया। दवा की दुकानें खुली थीं। कुछ इलाकों में राशन की दुकान खोलने की इजाजत दे दी गयी थी।





सील हिंदपीढ़ी





राजधानी रांची के मेन रोड के हिंदपीढ़ी की सभी गलियों को सील कर दिया गया है।किसी को बाहर जाने और अंदर नहीं आने दिया जा रहा था। सभी इंट्री प्वाइंट पर रैफ और पुलिस बल की तैनाती की गयी है। लोगों से शांति बनाए रखने और घरों में रहने की अपील पुलिस प्रशासन के अधिकारी लगातार कर रहे थे।





आपको बता दें कि भाजपा नेता रहीं नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी के खिलाफ शुक्रवार को राजधानी रांची में विरोध जुलूस निकला था।जुलूस के आगे बढ़ने पर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो पथराव और तोड़फोड़ होने लगी।भीड़ और पुलिस दोनों तरफ से फायरिंग हुई थी।इसमें दो लोगों की मौत हो गयी और लगभग डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए थे।