अयोध्या।प्रभु श्रीराम 500 साल बाद बुधवार को शुभ योग में भव्य राम मंदिर में अपना जन्मदिन मनाएंगे।प्रभु श्रीराम के मस्तक पर दोपहर 12:16 बजे भगवान सूर्य की किरणें उनका तिलक करेंगी। यह विज्ञान और इंजीनियरिंग के अद्भुत प्रयोग से सफल होगा।रामनवमी पर प्रभु श्रीराम की भव्यता और सुंदरता देखते ही बनेगी।जन्मोत्सव के मौके पर उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए खास आभूषण मंगाए गए हैं।





इस बार का रामजन्मोत्सव अद्भुत, अलौकिक और अविस्मरणीय हो कुछ ऐसी तैयारी करने में शासन,प्रशासन और राममंदिर ट्रस्ट जुटा रहा।रामजन्मोत्सव के दिन बुधवार को प्रभु श्रीराम स्वर्णमुकुट और रत्नजड़ित पीले रंग की पोशाक धारण कर श्रध्दालुओं को दर्शन देंगे।रामनवमी पर सुबह 3:30 बजे से ही प्रभु श्रीराम के दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा जो रात 11 बजे तक निरंतर जारी रहेगा।ये पहली बार होगा जब प्रभु श्रीराम का अभिषेक,श्रृंगार,राग-भोग,आरती और दर्शन साथ-साथ चलता रहेगा।





12बजे होगी जन्म की आरती





दोपहर ठीक 12 बजे रामलला के जन्म की आरती होगी। रामलला को पांच प्रकार की पंजीरी सहित 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इससे पहले रामलला का विभिन्न औषधियों से युक्त कलश से अभिषेक होगा। फिर श्रृंगार होगा। हीरे, मोती, सोने-चांदी के कई प्रकार के आभूषणों से रामलला को सज्जित किया जाएगा। रामजन्म के समय रामलला का जब अभिषेक व श्रृंगार किया जाएगा तो ऐसा पर्दा लगा रहेगा जिससे भक्त रामलला के श्रृंगार व अभिषेक को देख पाएंगे। यह अद्भुत क्षण होगा।





इन आभूषणों से होगा प्रभु श्रीराम का श्रृंगार





सोने का मुकुट, पन्ना की अंगूठी, माणिक व पन्ना का कमरबंद, हीरे का कंगन, हीरा, माणिक व पन्ना जड़ित हजार, पंचलड़ा, दो किलो वजन की विजय माला





नवमी तिथि पर पूजा का शुभ मुहूर्त





नवमी तिथि 16 अप्रैल दोपहर 01:23 बजे से शुरू हो गई है। इसका समापन 17 अप्रैल को दोपहर 03:15 बजे होगा।सुबह 11:03 से दोपहर 01:38 बजे तक।विजय मुहूर्त – दोपहर 02:34 बजे से 03:24 बजे तक।गोधूलि मुहूर्त – शाम 06:47 बजे से 07:09 बजे तक