रांची।झारखंड का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स है।इस अस्पताल में तैनात लापरवाह पुलिस वालों की जांच शुरू हो गई है।रिम्स के मेडिसीन आईसीयू में भर्ती पूर्व नक्सली कृष्ण मोहन झा उर्फ अभय जी उर्फ काली झा रविवार सुबह 5.37 बजे भाग गया था और ऐसा तब हुआ जब ड्यूटी में तैनात तीन पुलिस वाले वहां से नदारद थे।गंभीरता से लेते हुए नक्‍सली की सुरक्षा में तैनात तीन पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में कृष्ण मोहन अपहरण और हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।कृष्ण मोहन को लीवर और नाक से खून आने की शिकायत थी।जेल प्रशासन ने कृष्ण मोहन को 24 अगस्त को रिम्स में भर्ती कराया था और तब से रिम्स में इलाज चल रहा था।कृष्ण मोहन मुजफ्फरपुर के बधना का रहने वाला है। पुलिस वालों को कृष्ण मोहन के भागने की जानकारी सुबह छह बजे लगी।पुलिस वालों का कहना था कि वे शौच करने गए थे और इसी दौरान कैदी भाग निकला। कृष्ण मोहन के रिम्स से भागने की सूचना मिलने के बाद सिटी एसपी सौरभ, बरियातू थाना प्रभारी सपन महथा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। रिम्स में खोजबीन की,लेकिन कृष्ण मोहन का कुछ पता नही चला। सीसीटीवी खंगाला गया। मामले में सिपाही नित्यानंद गोस्वामी के बयान पर बरियातू थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।



रिम्स में भर्ती कैदी कृष्ण मोहन की सुरक्षा में तैनात तीनों पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।बरियातू पुलिस द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि तैनात पुलिसकर्मियों ने अपने कार्य में लापरवाही बरती है। तीनों पुलिसकर्मी ड्यूटी में तैनात नहीं थे और इसी का फायदा उठाकर कैदी कृष्ण मोहन फरार हो गया।इस मामले की जांच सिटी एसपी ने जिम्मेवारी बरियातू इंस्पेक्टर को सौंपकर रिपोर्ट शीघ्र देने का निर्देश है। रिम्स के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती सजा काट रहा कृष्ण मोहन रविवार की सुबह तीन बार भागने की कोशिश की।कृष्ण मोहन सुबह सवा चार बजे बेड से उठकर वार्ड से बाहर निकला और कुछ देर बाद वापस लौट गया।कृष्ण मोहन ने इसके बाद सुबह 5.30 बजे तक दो बार और कोशिश की लेकिन उसे सफलता नही मिल पायी। इसके बाद कृष्ण मोहन 5.37 बजे भाग निकला। रिम्स के मेडिसिन वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे से इसका खुलासा हुआ।



सूत्रों ने बताया कि कृष्ण मोहन की सुरक्षा में तैनात तीनों पुलिस वाले सुबह चार बजे से छह बजे तक वार्ड से गायब थे। सिटी एसपी ने कृष्ण मोहन की निगरानी में तैनात पुलिस वालों से पूछताछ की। पुलिस वालों ने सिटी एसपी कई तरह के बहाने बनाए।पुलिस वालों ने बताया कि कृष्ण मोहन के हाथों में दर्द हो रहा था और वे इंजेक्शन लगाने के लिए डॉक्टर को बुलाने के लिए गए थे इसी फायदा उठाकर कृष्ण मोहन मौके से भाग निकला। एक पुलिस वाले ने बताया कि वो शौच के लिए गया था वापस आकर कर देखा कि कैदी बेड पर नहीं था।



रिम्स प्रबंधन के अनुसार रविवार की सुबह ड्यूटी में तैनात एक नर्स कैदी को इंजेक्शन लगाने के लिए उसके बेड पर गई थी, लेकिन कृष्ण मोहन ने नर्स से यह बहाना बनाया कि उसके हाथ में दर्द है और वह इंजेक्शन नहीं लगवाएगा। इसके बाद नर्स बिना इंजेक्शन लगाए चली गई। कृष्ण मोहन के रिम्स से भागने की खबर मिलने के बाद सिटी एसपी सौरभ रिम्स पहुंचे और कैदी वार्ड का जायजा लिया। कृष्ण मोहन के हाथों में हथकड़ी नहीं लगी थी। सिटी एसपी तैनात पुलिस वालों पर भड़क गए और जमकर क्लास ली।सिटी एसपी ने कहा कि किसके आदेश से कैदियों को हथकड़ी नहीं लगायी गई है।सिटी एसपी ने बरियातू थाना प्रभारी से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।



सिटी एसपी ने पुलिस वालों को निर्देश दिया कि अविलंब वार्ड में भर्ती सभी कैदियों को हथकड़ी लगायी जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सजा काट रहा कृष्ण मोहन रिम्स में 25 दिन से भर्ती था।कृष्ण मोहन को पहले कैदी वार्ड में रखा गया था,लेकिन हालत बिगड़ने के कारण उसे डॉ सीबी शर्मा की यूनिट में भर्ती कराया गया था।कृष्ण मोहन ने तैनात पुलिस वालों से मित्रता कर ली थी और साथ ही रिम्स कर्मियों के साथ भी अच्छा व्यवहार बनाकर रखा था।इसी कारण से वो वार्ड में घूमता-फिरता रहता था।



अभी तक रिम्स से ये भाग चुके है ये कैदी



सात फरवरी 2021: हत्‍या के मामले में सजा काट रहा दुमका जेल का कैदी सिद्धेश्वर मरैया रिम्‍स से बीते छह फरवरी को हथकड़ी समेत भाग गया था। चार फरवरी को अचानक पेट में दर्द होने पर रिम्‍स के मेडिसिन आईसीयू में उसे भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में दो सिपाही तैनात थे। छह फरवरी की सुबह में करीब चार बजे वह बेड में बंधी रस्‍सी खोलकर भाग गया था।



अक्टूबर 2019: रिम्स के मेडिसिन आईसीयू से ही एक कैदी भागा था। रांची के बिरसा मुंडा जेल का कैदी हाथ से रस्सी को सरकाने के बाद खिड़की से कूद कर भाग गया था।



16 मई 2018: जरीया कटरमाली निवासी हत्या का आरोपी बुधराम उरांव रिम्स से पुलिस वालों की ऑखों धूल झोंक कर भाग गया था। बुधराम के खिलाफ बेड़ो थाने में हत्या का दो और एक आ‌र्म्स एक्ट का भी मामला दर्ज है। धुर्वा पुलिस ने बुधराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बेड़ो पुलिस के मुताबिक बुधराम कुख्यात अपराधी था।जेल में पैर टूटने की वजह से बुधराम को रिम्स के सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया था।



24 जनवरी 2018: रिम्स में इलाज करा रहे कैदी पिंटू बाथरूम की खिड़की तोड़कर भाग गया था। कैदी डालटेनगंज का रहने वाला है। उस पर चोरी के मामले में डालटेनगंज पुलिस ने जेल भेजा था।



2 जनवरी 2017 : दुमका जेल में सजा काट रहे कैदी राजेश यादव मेडिसिन आईसीयू वार्ड से भाग निकला था।राजेश बिहार के जमुई जिले के कल्याणपुर सिमरतला का रहने वाला था। हत्या मामले में राजेश आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।राजेश को जॉंन्डिस के इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था।



23 मई 2014: चतरा मंडल कारा का कैदी रामस्वरूप भारती भाग गया था। कैदी रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती था और उसके सिर में ट्यूमर था, 28 अप्रैल 2014 को कैदी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद वह भाग निकला।



2 जून 2016 : इटावा के मैनपुरी जिला जेल से इलाज के लिए रिम्स भेज गया कैदी यादवेंद्र फरार हो गया था। 1



5 मार्च 2009: रिम्स के कैदी वार्ड में इलाज करा रहे चार खूंखार अपराधी एक साथ भाग गए थे। इनमें से एक नक्सली तेज नारायण गोप हत्याकांड की सजा काट रहा कैदी ज्योति लागुड़ी, हत्या का आरोपी रवींद्र सिंह और राम विलास सिंह उर्फ लैला शामिल थे। इनमें ज्योति और रवींद्र को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार रांची से, राम विलास को गोड्डा उप कारागार से और तेज नारायण गोप को सिमडेगा जेल से इलाज के लिए रिम्स भेजा गया था। सभी कैदी बाथरूम का ग्रिल तोड़कर भाग निकले थे।