प्रतिनिधि, टंडवा (चतरा)। आम्रपाली कोल परियोजना क्षेत्र में रेलवे साइडिंग निर्माण को लेकर अंचलाधिकारी द्वारा जारी पत्रांक 827 के आलोक में सोमवार को मध्य विद्यालय सेरनदाग में आयोजित वनाधिकार समिति की बैठक पूरी तरह से विफल हो गई। आपको बता दें कि पूर्व निर्धारित समयानुसार राजस्व कर्मचारी, अंचल निरीक्षक व सीसीएल प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।जहां जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने तीखा विरोध करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों की मानें तो पिछले 15 वर्ष पूर्व से अब तक कई बार समिति गठित हुई है। बावजूद वन विभाग व अंचल कार्यालय की ओर से ना तो सूची और ना हीं विभागीय पत्र उपलब्ध कराया जाता है।मौके पर मौजूद सीआई सर्वेश सिंह व राजस्व कर्मचारी शिवकुमार मंडल ने अंचल कार्यालय की ओर से निर्गत पत्रांक 614 के माध्यम से आयोजित बैठक विफल होना बताया। वहीं राजस्व कर्मियों ने वनाधिकार समिति की जानकारी व समिति के सदस्यों को पहचानने से इंकार कर दिया। दूसरी ओर जब रेंजर मुक्ति प्रकाश पन्ना से समिति की सूची मांग की गई तो उन्होंने बताया कि कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। जबकि सीओ विजय दास ने बताया कि वे ग्रामीणों को वनाधिकार समिति की सूची शीघ्र हीं उपलब्ध करा देंगे। बावजूद ग्रामीणों में अब भी फर्जीवाड़े को लेकर व्याप्त शंका दूर नहीं हो रहा है।





वनाधिकार समिति की बैठक का क्या है पूरा मामला





सीसीएल के आम्रपाली कोल परियोजना में रेलवे साइडिंग निर्माण को लेकर सेरनदाग में 49 ,बिंगलात में 46, पोकला में 50, कोयद में 115, होन्हें में 84, नौडीहा में 68 व सोपारम में 117 खाते की भूमि अपयोजित किया जाना है, जिसपर वनाधिकार समिति से अनापत्ति प्रस्ताव लेने हेतु इसके पूर्व भी सीओ के पत्रांक 614 के माध्यम से विभिन्न जगहों में बैठक आयोजित की गई थी,जिसकी कथित तौर पर हुई बैठक की प्रति लेकर फर्जीवाड़ा करते हुए प्रस्ताव पारित करने का आरोप ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने लगाए थे। बकायदा उपायुक्त व सांसद समेत विभागीय अधिकारियों को संबंधित प्रतियां भेजकर जांच व कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि सीओ विजय दास ने उक्त आरोपों को सिरे से नकारते हुए बताया कि पूर्व में जारी पत्रांक 614 के आलोक में कहीं भी बैठक नहीं हुई ना हीं अनापत्ति के प्रस्ताव कार्यालय में प्राप्त हुए हैं।