प्रतिनिधि,जमशेदपुर। वाकई में क्या उलीडीह थाना अंतर्गत उमा अस्पताल के पास स्थित भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन फाइनेंस कंपनी में गुरुवार की रात्रि नगद 14 लाख रुपए की लूट की घटना घटी है या फिर मामले में कहानी कुछ और है। वहीं मामले की जांच के क्रम में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कुछ भी हाथ नहीं लगा है। जबकि शक के आधार पर पुलिस 4-5 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।घटना के बाद पुलिस ने शुक्रवार की सुबह उमा अस्पताल पहुंचकर वहां के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। हालांकि फुटेज से पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं आया। इसके अलावा पुलिस ने आस-पास में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी देखा।
मामले में बताया जा रहा है कि भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन फाइनेंस कंपनी में लूट की घटना की जानकारी देने के बाद हेड ऑफिस रांची की टीम भी शुक्रवार को शहर पहुंची। जिसके बाद टीम के लोगों से बातचीत भी की गई। इस दौरान उनका साफ कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और ऑफिस के कर्मचारी ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।
मामले में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी विक्रम ने पुलिस को बताया कि रात्रि लगभग 10 बजे ऑफिस में वे अपना काम निपटा रहे थे। इसी बीच दरवाजा लाॅक करने की आवाज आई। वहीं जब उन्होंने दरवाजा खोला तो चार लोग धकेल कर अंदर आ गए और उन पर पिस्टल तान दिया। जिसके बाद कंपनी में रखे 14 लाख रुपए बदमाश एक बैग में भरकर फरार हो गए। मगर घटना के बारे में पड़ोसी कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। वहीं जब पुलिस ने घटना की जांच शुरू की तो यह बात सामने आई कि आखिर कंपनी को रात्रि 10 बजे तक क्यों खोलकर रखा गया था। जिसपर एक कर्मचारी का कहना था कि लेट तक कलेक्शन आने के कारण कंपनी को खोलकर रखा गया था। जबकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि घटना सही में घटी है या फिर सोची समझी साजिश के तहत कहानी बनाई गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।





