जमशेदपुर।पूर्वी के विधायक सरयू राय ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य के विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और राज्य के द्वितीय अनुपूरक बजट के माध्यम से मानसून सत्र के बाद हुए अधिकाई व्यय का समंजन व आगले साल के बजट के लिए संसाधनों के प्रबंधन पर विचार करने के लिए विधानसभा का शीतकालीन सत्र शीघ्र आहूत किया जाना चाहिए।





उन्होंने कहा कि विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र एक दिन पहले 4 अगस्त को समाप्त हुआ। सत्रावसान करने के बदले सरकार ने 5 सितंबर को एक दिवसीय विस्तारित सत्र बुलाया। जिसके बाद पुनः 11 नवंबर को एक दिवसीय सत्र बुलाया। दोनों ही दिन सिर्फ सरकार के एजेंडा पर सत्र चला। मगर जनता के एजेंडा पर कोई बात नहीं हुई।आम तौर पर विधानसभा के दो सत्रों के बीच 6 माह से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए। ऐसा हो सकता है कि राज्य सरकार शीतकालीन सत्र न बुलाकर सीधे बजट सत्र बुलाए।





इस तरह संविधानिक प्रावधान का उलंघन तो नहीं होगा। मगर जनता के जो विषय शीतकालीन सत्र में उठने चाहिए, वे नहीं उठेंगे। राज्य में विकास, रोजगार, भ्रष्टाचार, वित्तीय एवं भौतिक संसाधन, व्यय की गुणवत्ता, घोषणाओं के क्रियान्वयन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े जनता के ऐसे अनेक मामले हैं, जिनपर विचार के लिए शीतकालीन सत्र जनहित में आवश्यक है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे मानसून सत्र का शीघ्र अवसान कराकर शीतकालीन सत्र आहूत करने की प्रक्रिया आरंभ कराएं।