विस्थापन से पहले प्रभावित व्यक्तियों,परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था
रांची स्मार्ट सिटी निर्माण में प्रभावित व्यक्तियों,विस्थापित परिवारों को पुनर्वास नीति अन्तर्गत भूमि बंदोबस्ती पर्चा वितरित
25 प्रभावित,विस्थापित परिवारों को 10-10 डिसिमल जमीन का दिया गया पर्चा
विशेष संवाददाता,रांची। राज्य सरकार विस्थापन से पहले पुनर्वास की नीति को लेकर दृढ संकल्पित है। इसी क्रम में शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग झारखंड सरकार के अंतर्गत रांची स्मार्ट सिटी निर्माण में प्रभावित व्यक्तियों,विस्थापित परिवारों को पुनर्वास अन्तर्गत भूमि बंदोबस्ती पर्चा वितरण किया गया।
समाहरणालय ब्लॉक ए स्थित उपायुक्त सभागार में सचिव नगर विकास विभाग एवं आवास विभाग विनय चौबे की गरिमामयी उपस्थिति में 25 प्रभावित,विस्थापित परिवारों में से 22 को पर्चा वितरण किया गया। इस दौरान निदेशक सूडा अमित कुमार, उपायुक्त, रांची राहुल कुमार सिन्हा, अपर समाहर्त्ता रांची राजेश बरवार, अंचल अधिकारी, नामकुम, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी राकेश कुमार नंद कियोलयर, पीआरओ स्मार्ट सिटी अमित कुमार, प्रबंधक, स्मार्ट सिटी रविशंकर पांडे एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
सचिव नगर विकास विभाग एवं आवास विभाग विनय चौबे ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी को विस्थापित करने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की गयी है। 25 प्रभावितों को मकान बनाने के लिए 10-10 डिसिमल जमीन का पट्टा दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावितों को अंबेडकर योजना की तर्ज पर जुडको लिमिटेड के सीएसआर फंड से आवास का निर्माण कराया जाएगा। इस पर प्रति आवास 130000 रुपए खर्च होंगे। इस पर सभी ने एक स्वर पर घर बनाकर दिये जाने की बात कही। सचिव द्वारा आश्वस्त किया गया कि इस दिशा में समेकित रुप से प्रोजेक्ट बनाकर प्रभावितों को लाभ दिलाये जाने का प्रयास किया जायेगा।
मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
मकान पट्टा पाकर प्रभावित,विस्थापित परिवार काफी खुश नजर आये। सभी ने राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। घर टूटने के बाद डेविड आइन्द की शादी रुक गयी थी और आज पट्टा मिलने के बाद उनकी शादी पक्की हो गयी। डेविड और उनकी होने वाली पत्नी हलयानी भुइयां ने मुख्यमंत्री को जमीन का पट्टा दिये जाने पर धन्यवाद दिया। अन्य प्रभावितों ने कहा कि उन्हें मकान का पट्टा मिला है।आगे वो सरकार की सहायता से अपना अशियाना बनायेंगे।
25 प्रभावित परिवारों में से 22 को पर्चा दिया गया, जिनमें संतोष तिग्गा, गिन्नी कच्छप, पुनीत किस्पोट्टा, अजय कच्छप,संजय कच्छप, मंजू मिंज,अरविंद टोप्पो,सुनील मिंज, राजेश लिण्डा, फिलिप मिंज, रुपेश मिंज, चंदा मिंज,जयंत आईन्द,नंदिया मिंज,पिरी कच्छप, धनई कुजूर, मधु एक्का, राम जतन साहू,संध्या आइन्द,सरोज आइन्द,प्रभात एक्का और सुशील मिंज शामिल हैं।तीन प्रभावित बुधु अहिर, अमित कच्छप एवं सोमा संगा के उपस्थित नहीं होने के कारण उनसे मिलकर पर्चा उपलब्ध कराने का निदेश अंचल अधिकारी को दिया गया है।





