जमशेदपुर।झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी से निष्कासित सोनारी आशियाना गार्डन निवासी आरोपी मनोज पांडे इन दिनों उत्तर प्रदेश में अपने साथियों के साथ ठगी के पैसों से अय्याशी कर रहा है।सिर्फ इतना ही नहीं उसने इन पैसों से अपनी सुरक्षा के लिए अवैध हथियार भी खरीदा है और इन्हीं हथियारों के साथ फोटो खींचवाते नहीं थकता।हथियार के साथ उसके कई फोटो भी सामने आए हैं और जिनकी बदौलत वह ठगी के शिकार युवाओं को शिकायत ना करने के लिए धमकाता भी है। उसने जमशेदपुर शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों और बिहार के दर्जनों युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की है। किसी को सेंट्रल एक्साइज विभाग में नौकरी के नाम पर तो किसी को सचिवालय में नौकरी के नाम पर उसने ठगा है। साथ ही उसने प्राइवेट कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को बरगला कर लाखों रुपए की वसूली भी की है। पैसे लेकर सभी युवाओं के हाथों में उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर तक थमा दिया।





बताते चलें कि बिहार मुजफ्फरपुर निवासी युवक भुवन प्रकाश से उसने सेंट्रल एक्साइज विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर 4.5 लाख रुपए की ठगी कर ली। साथ ही उसे विभाग का फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दे दिया। जिसकी शिकायत युवक ने सोनारी थाने में सबूतों के साथ लिखित रूप से की है। इसी तरह ठग मनोज पांडे ने सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर बिहार के एक अन्य युवक को 7 लाख रुपए का चूना लगाया है। जबकि जमशेदपुर शहर के 5 युवाओं को सरायकेला खरसावां जिला के कोलाबीरा स्थित रामा कृष्णा फोर्जिंन कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख रुपए ठग लिये। जिसकी लिखित शिकायत युवाओं ने सबूतों के साथ बिस्टुपुर थाने में भी की है। उसने ग्रामीण क्षेत्र पोटका व पटमदा के युवकों से भी नौकरी के नाम पर वसूली की है।





मनोज पांडे ने सिर्फ शहर के ही नहीं बल्कि अपने गांव उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से भी नौकरी के नाम पर ठगी की घटना को अंजाम दिया है। इस पूरे घटना में एक खास बात यह है कि वह युवाओं को झांसे में लेने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ खिंचाई हुई अपनी तस्वीर दिखाता था। साथ ही सीएम तक अपनी पहुंच होने की बात कहता था। शहर के युवाओं को लूटकर वह शहर में ही मौजूद महंगे होटलों में जाकर अपने साथियों के साथ अय्याशी करता था। जिसमें पारडीह नेशनल हाईवे 33 स्थित सिटी इन होटल प्रमुख है। वहीं ठगी के शिकार युवक भुवन प्रकाश द्वारा सोनारी थाने में की गई लिखित शिकायत के बाद वह भी थाने पर पहुंचा और पैसे लौटाने के एवज में पीआर बांड भी भरा। मगर आज तक उसने पैसे नहीं दिए और बराबर टालमटोल करता रहा। जबकि 5 युवाओं द्वारा बिस्टुपुर थाने में की गई लिखित शिकायत के बाद उसे फोन कर पुलिसकर्मियों ने बुलाया। मगर वह नहीं आया। दूसरी ओर पुलिस के डर से वह लगातार शहर में अपना ठिकाना बदलता रहा और दबाव पड़ने पर वह उत्तर प्रदेश फरार हो गया। जहां ठग मनोज पांडे छुप-छुप कर अपने रिश्तेदारों के पास रह रहा है। वहां उसकी खोजबीन होने पर वह बनारस भाग जाता है और मामला ठंडा होने पर वापस वह उत्तर प्रदेश आ जाता है। फिलहाल ठगी के शिकार अन्य युवा एकत्रित होकर थाने में मामला दर्ज कराने का मन बना रहे हैं।