वरीय संवाददाता,रांची। आय से अधिक सम्पति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार निलंबित अभियंता वीरेंद्र राम के कार्यकाल में जितने भी कार्य संवेदकों को आवंटित किये गये हैं।सभी को तत्काल रद्द किया जाय।उक्त बातें झारखंडी सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष व आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही। उन्होंने कहा कि अभियंता वीरेंद्र राम द्वारा जितने भी कार्य आवंटन किए गए, वह अवैध रूप से पैसा लेकर नियम कानून को ताक पर रखकर किये गये हैं। ईडी को इन बिंदुओं पर भी कार्रवाई करनी चाहिए कि कौन-कौन संवेदकों को वीरेंद्र राम द्वारा अब तक लाभ पहुंचाया गया और किसे नियम विरूद्ध कार्य आवंटन किया गया।
विजय शंकर नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री आलमगीर आलम को अविलंब इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।क्योंकि जितने दोषी अभियंता वीरेंद्र राम हैं, उतने ही दोषी उनके द्वारा लाभ प्राप्त करने वाले संवेदक भी हैं।वीरेंद्र राम से उपकृत होने वाले संवेदकों की भी जांच की जानी चाहिए, ताकि वैसे संवेदक का भी भंडाफोड़ हो सके।
विजय शंकर नायक ने कहा कि सिर्फ वीरेंद्र राम ही एक ऐसे झारखंड में अभियंता नहीं थे जो पैसा लेकर अवैध रूप से नियम कानून को ताक में रखकर कार्य आवंटन किया करते थे। अगर सही रूप से जांच की जाए तो मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग , पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल विभाग, स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट, पीएचडी के मुख्य अभियंता भी जांच के दायरे में आ जाएंगे, जिन्होंने नियम-कानून को ताक पर रखकर अपने पद का दुरुपयोग कर कार्य संवेदकों को आवंटन किया है।
विजय शंकर नायक ने कहा कि जल्द ही इस संदर्भ में ईडी को सभी मुख्य अभियंता,अभियंता प्रमुख के निजी चल-अचल संपत्ति की जांच के लिए एक ज्ञापन सौंपा जायेगा।





