रांची।साहिबगंज अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार 17 नवंबर दोपहर 12.30 से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ शुरू कर दी है।राजधानी रांची के एयरपोर्ट रोड हिनू स्थित ईडी के जोनल ऑफिस में सीएम सोरेन लगभग दस घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई।सीएम सोरेन से पूछताछ की खबर रांची में फैली तो गुलाबी ठंड में अजग-गजब की अटकलों का बाजार भी गरम हो गया।सुबह 10 बजे के बाद सीएम सोरेन के मीडिया के संबोधन के बाद ईडी ऑफिस के आसपास एकत्र कई लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया कि अवैध खनन मामला दोनों के लिए चुनौती है।





दोनों के लिए मामला चुनौतीपूर्ण





कयासवीरों के धुरंधरों के मुताबिक ईडी को ये साबित करना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अवैध खनन मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत संवैधानिक पद पर रहते हुए मनी लॉन्ड्रिंग कानून का उल्लंघन किया है।कयासवीरों ने इस बात को लेकर भी कयास लगाए कि सीएम सोरेन को भी ईडी की पूछताछ के दौरान यह साबित करना होगा कि साहिबगंज अवैध खनन मामले में वो निर्दोष हैं और इस मामले में उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस नहीं बनता।इसलिए यह मामला दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है।





सीएम सोरेन ने पार की लक्ष्मण रेखा





एक कयासवीर ने तो यहां तक कह डाला कि ईडी ऑफिस पहुंचकर सीएम सोरेन ने लक्ष्मण रेखा पार कर दी है।ऐसा करने से उनकी व्यक्तिगत और दलगत राजनीति पर गहरा असर पड़ेगा।कुछ कयासवीरों ने यूपीए के घटक दल आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत कई पार्टियों का हवाला देते हुए कहा कि ईडी ऑफिस पहुंचकर सीएम सोरेन ने राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय राजनीति में एक नई पहचान बनाई।





जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट





सीएम सोरेन मामले पर झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता आलोक आनंद कहते हैं कि कोई भी आरोप पीएमएलए के तहत तब तक मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता,जब तक ईडी यह साबित नहीं कर देती कि आरोपी ने जिस किसी भी अवैध साधन से जो संपत्ति अर्जित किया है, वह उस संपत्ति को पैरेलल इकोनॉमी में खपाने के प्रयास किए हैं।यानी कालेधन को सफेद बनाने की कोशिश की हो।आलोक आनंद ने कहा कि जहां तक सीएम सोरेन की पूछताछ का मामला है, तो यह अभी शुरुआती दौर में है और इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।