रांची।छठ महापर्व की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में छठ पूजा की जाती है। इस बार 28 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होगी।इससे पहले नदी-तालाबों की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है।राजधानी रांची समेत राज्य के सभी नगर निकायों ने अपने-अपने स्तर से छठ घाटों की सफाई और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।





राजधानी रांची में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को अलग-अलग छठ घाटों का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को कई जरूरी निर्देश भी दिए।सीएम सोरेन ने कांके डैम के अलावा हटनिया तालाब का भी दौरा किया। सीएम ने ट्वीट कर कहा कि आगामी छठ महापर्व को लेकर रांची में कांके डैम घाट पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।छठ महापर्व के अवसर पर राज्य के सभी घाटों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने हेतु निर्देश दिया गया है।





सीएम सोरेन ने सभी जिले के उपायुक्तों, नगर आयुक्तों और अन्य संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि छठ घाटों में स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित हो, ताकि अर्घ्य के दौरान छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। सीएम ने यह भी कहा कि महापर्व को देखते हुए विभिन्न छठ घाटों की नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।





आपको बता दें कि झारखंड के कोने-कोने में छठ महापर्व मनाया जाता है।पहले छठ पूजा मुख्य रूप से बिहार में होती थी,लेकिन धीरे-धीरे अब अन्य राज्यों में भी छठ पूजा होने लगी है।सभी समुदाय के लोग इस महापर्व का हिस्सा बनने लगे हैं।प्रकृति की उपासना करने वाले झारखंड प्रदेश में भी लोग सूर्योपासना के इस पर्व को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। 28 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होगी और 31 अक्टूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व का समापन हो जायेगा।