पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची। 28 से 30 अक्टूबर तक चलने वाले सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत सतर्कता महोत्सव फेस्टिवल डी सीसीए का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इस महोत्सव के पहले दिन का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीएमडी सीसीएल निलेंदु कुमार सिंह ने किया।





इस अवसर पर सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा,निदेशक तकनीकी (संचालन ) हरीश दुहान,मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) पंकज कुमार,महाप्रबंधक, विभाग प्रमुख और काफी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।





कार्यक्रम का शुभारंभ सीएमडी सीसीएल द्वारा सभी उपस्थित जनों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाकर किया गया।





सीवीओ पंकज कुमार ने सभी को संबोधित करते हुए सतर्कता और इमानदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हमारे पेशेवर जीवन में सतर्क रहना क्यों आवश्यक है और इस वर्ष की थीम सत्यनिष्ठा की संस्कृति से राष्ट्र की प्रगति पर भी अपने विचार साझा किए।श्री कुमार ने कहा कि सत्यनिष्ठा का पालन न केवल संगठन बल्कि पूरे देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।





सीएमडी सीसीएल नीलेंदु कुमार सिंह ने भी इस मौके पर इमानदारी के महत्व को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि सीसीएल अपने दायित्व को पूरी इमानदारी और निष्ठा के साथ निभा रहा है और देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके पश्चात उन्होंने ई-प्लेज बूथ का उद्घाटन किया और सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ ड्रोन द्वारा किया। सीएमडी सीसीएल ने सतर्कता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया,जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करेगा।





समारोह में सभी गणमान्य अतिथियों ने लाइव पेंटिंग कलाकारों के साथ बातचीत की।ये कलाकार महोत्सव के तीनों दिनों में लाइव पेंटिंग प्रस्तुत करेंगे,जिसमें वे भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता और इमानदारी को बढ़ावा देने वाले विषयों पर अपनी कला को प्रदर्शित करेंगे।





इसके बाद सतर्कता जागरूकता रैली में सीसीएल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस रैली के माध्यम से सभी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का संदेश दिया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें जनजातीय नृत्य,गणेश वंदना नृत्य और विविधता में एकता नृत्य का प्रदर्शन किया गया।सीसीएल की एक कर्मचारी ने अपने मधुर स्वर में गणेश वंदना गीत प्रस्तुत किया,जिसने सभी का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त भ्रष्टाचार की रोकथाम पर एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन भी हुआ, जिसने सभी दर्शकों को जागरूकता का संदेश दिया।





सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया। इनमें स्ट्रीट पेंटिंग प्रतियोगिता भी शामिल थी,जिसमें विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से आए छात्रों ने भ्रष्टाचार को न कहें और इमानदारी को बढ़ावा दें,जैसे विषयों पर अपनी अद्भुत पेंटिंग्स प्रस्तुत की। इन युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरा, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रों ने रंगोली प्रतियोगिता में भी भाग लिया।