प्रतिनिधि,जमशेदपुर।जेष्ठ मास के अमावस्या के दिन वट सावित्री का पर्व बहुत ही धूमधाम से कदमा स्थित राम भक्त हनुमान मंदिर प्रांगण में वट वृक्ष के नीचे मनाया गया,जिसमें सुहागिन महिलाएं सोलह सिंगार और नई साड़ी पहनती हैं और अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए भगवान ब्रह्मा विष्णु महेश स्वरूप वटवृक्ष के नीचे बैठकर बड़े ही विधि विधान से पूजा अर्चना करती है। जैसा की सावित्री ने अपने संकल्प और श्रद्धा से यमराज से सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे उसी तरह सुहागिन महिलाएं भी अपने पति की आयु और प्राण की रक्षा के लिए इस दिन व्रत का संकल्प लेती हैं। वट वृक्ष में जल चढ़ाते हैं।आम,लीची,चना, लड्डू, मिठाई, अक्षत,पुष्प,सिंदूर,बांस का पंखा,मौली धागा से वट वृक्ष के सात बार परिक्रमा कर पूजा करते हैं और अपने पूरे परिवार के लिए कामना करते हुए सावित्री सत्यवान की कथा सुनकर समापन करती हैं।





