हंटरगज प्रखंड के चतरी मऊ गांव में शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन शिव गुरु के भजन मे झूमते नजर आए श्रद्धालु





शिव की शिष्यता लौकिक पारलौकिक मनोरथ को करती हैं पूर्ण:भाई राजेश





प्रतिनिधि,चतरा। शिव गुरु की शिषयता लौकिक पारलौकिक मनोरथ को पूर्ण करती हैं। संस्कार व संस्कृति को बचाने के लिए जरूरी है लोग शिव की शरण में जाए।उक्त बाते हंटरगज प्रखंड के चतरी मऊ गांव में आयोजित शिव गुरु परिचर्चा में राजेश कुमार पाण्डेय ने कही। उन्होंने कहा कि कलयुग में शिव की शिष्यता ही भक्ति और मुक्ति दायिनी हैं।





परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए गुरु भाई मनीष कुमार ने कहा कि शिव गुरु से जुड़कर हर व्यक्ति जींदगी से परे लम्बी यात्रा को सरल,सुलभ और सुगम बना सकता है। गुरु ज्ञान देते हैं और ज्ञान व्यकित के आचार, विचार व्यवहार और संस्कार को अपने अंतःकरण में उतारने की समझ विकसित करती हैं।





शिव से जुडा़व के तीन सूत्र पर गुरु भाई सुनील शर्मा ने अपने विचार रखे। वही महेश प्रसाद ने कंगन के महात्म पर विशद ज्ञान से लोगो को अवगत कराया। परिचर्चा को पुनम देवी,महेन्द्र कुमार, कुलेशर साव,सहित दर्जन भर गुरु भाई बहनों ने सम्बोधित किया।





कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय गुरु भाई सुनील कुमार ने पारम्परिक भजन व संकीर्तन से किया। परिचर्चा को सफल बनाने के लिए गुरु भाई शिवकुमार, सहित बिहार राज्य से दो दर्जन से भी ज्यादा गुरु भाई बहनों ने हिस्सा लिया।